अभियंता दिवस पर राज्य सरकार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि यह बिहार का सौभाग्य है कि उसे एक इंजीनियर मुख्यमंत्री मिला, जिनके पास एक दृष्टि है। उन्होंने बदहाल हो चुके बिहार को एक कुशल शिल्पी की तरह संवारा तथा 21वीं सदी के बिहार के निर्माण के सपने को यथार्थ बनाया। इस 15 साल की अवधि में भूमिका निभाने वाले सभी इंजीनियरों को बधाई दी।

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार ने अपहरण, रंगदारी और धार्मिक दंगे के लिए ख्यात हो चुके बिहार को 15 वर्षो में बिहार विकसित बिहार बनाया। बिजली, पानी, सड़क जैसी आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐसा विकास हुआ है कि विपक्ष के पास इन विषयों पर आज कोई सवाल ही नहीं है। तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि जो लोग पढ़ते नहीं हैं, राज्य का नेतृत्व करना चाहते हैं। उनको ब्रिज और अप्रोच का अंतर नहीं पता है, वे चरवाहा विद्यालय की संस्कृति की बात करते हैं।

मंत्री संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार के रूप में प्रदेश को ऐसा निर्माणकर्ता मिला कि जो काम आजादी के बाद नहीं हुए, वह इन 15 सालों में हुए। 1979 से इंजीनियरों की बहाली नही हुई थी। प्रदेश में 2005 तक एनएच की लम्बाई 7583 किमी थी, आज 13172 किमी हो गई है। 2005 तक सिंगल लेन एसएच की लंबाई 2803 किमी थी, यह 7475 किमी हो गई है। 2005 तक ग्रामीण सड़कों की लम्बाई महज 835 किमी थी, हमारे 15 साल के शासन में यह 96500 किमी हो गई है। श्री झा ने बिहार की प्रमुख नदियों गंगा, कोसी, गंडक, सोन पर 2005 तक पुलों की संख्या और नीतीश सरकार के 15 साल के शासन में स्वीकृत, बन चुके, निर्माणाधीन पुलों की संख्या विस्तार से बतायी। कहा कि इंजीनियर नीतीश कुमार ने बिहार का नवनिर्माण किया है। प्रेस कांफ्रेंस में राष्ट्रीय सचिव रवीन्द्र सिंह और इ. अभिषेक झा भी मौजूद रहे। 

विशेष दर्जा, पैकेज की मांग उठाता रहेगा जदयू 

एक सवाल के जवाब में अशोक चौधरी ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे की मांग जदयू लगातार उठाता रहा है। हम चाहते हैं बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले। केंद्र सरकार ने कई पैकेज दिए हैं, जिन पर काम हो रहा है। हमें पीएम मोदी से उम्मीद है आने वाले समय मे बिहार को और मदद मिलेगी।