देश में कोरोना को लेकर लगे लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है. इस लॉकडाउन में पुलिस पर बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस का मानवीय चेहरा हापुड़ जनपद में देखने को मिला. हापुड़ जनपद में पुलिस ने एक ऐसी महिला की मदद की, जो लॉकडाउन के चलते बेबस और लाचार थी और नवजात को लेकर पैदल सफर कर रही थी. महिला की मदद करने वाले हापुड़ पुलिस के इंस्पेक्टर की हर तरफ प्रशंसा हो रही है.

पैदल ही घर जाने का निर्णय किया

बाबूगढ़ थाने के इंस्पेक्टर उत्तम सिंह राठौर ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए दिल्ली से संभल पैदल जा रही एक महिला की मदद करके वाकई सराहनीय कार्य किया है. दरअसल संभल के रहने वाले मुनेंद्र कुमार की पत्नी प्रसव पीड़ा के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में डिलिवरी के लिए भर्ती की गई थी. अस्पताल में महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया और कुछ दिन अस्पताल में रही, इसके बाद अस्पताल ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया. इसके बाद महिला के सामने घर जाने का संकट खड़ा हो गया. महिला के पति ने काफी प्रयास किए लेकिन घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल सका जिसके बाद दोनों ने पैदल ही घर जाने का निर्णय किया और दोनों तपती धूप में हाईवे पर निकल पड़े.

खाना खिलाया फिर बस में बैठाया

हापुड़ जनपद के बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में पहुंचने के बाद इंस्पेक्टर उत्तम सिंह राठौड़ ने पैदल जा रहे दंपत्ति को रोका और पैदल चलने का कारण पूछा तो महिला के पति ने सारी व्यथा सुनाई. नवजात बच्चे के साथ सफर कर रही महिला और उसके पति की बातों को सुनकर इंस्पेक्टर भी भावुक हो गए और उन्हें वहीं रोककर पहले तो दंपति को खाना खिलाया और फिर एक बस से उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की. महिला अपने पति और नवजात बच्चे के साथ आराम से बस से संभल चली गई.

पुलिस का शुक्रिया

महिला के पति मुनेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी को दिल्ली के एक अस्पताल में डिलिवरी के लिए भर्ती किया गया था, जहां से बच्चे का जन्म होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. घर जाने का जब कोई रास्ता नहीं निकला तो उन्होंने कुछ सफर पैदल तो कुछ वाहनों में लिफ्ट लेकर पूरा किया. बाबूगढ़ पुलिस ने उनकी मदद की और बस का इंतजाम करा कर उन्हें घर भेजने की व्यवस्था करा दी, पुलिस का शुक्रिया.