प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के मामले में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं किये जाने के साथ ही लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई है. इसी क्रम में बुधवार को सीएम योगी ने महोबा के पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को भ्रष्टाचार के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के निर्देश दिया है. पाटीदार पर आरोप है कि परिवहन में लगी गाड़ियों को चलाए जाने हेतु अवैध रूप से पैसे की मांग की थी.

अपराध नियंत्रण में नाकामी

मुख्यमंत्री योगी ने दो दिन पूर्व ही प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित को सस्पेंड कर दिया था. दीक्षित पर अपराध नियंत्रण में नाकामी, कानून व्यवस्था में शिथिलता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. दीक्षित की जगह सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को प्रयागराज का नया एसएसपी बनाया गया है.

पूर्व में इन अधिकारीयों पर हो चुकी है कार्यवाही 

  • बुलंदशहर के एसएसपी रहते हुए एन कोलांची पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे जिसके बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया था. 
  • बाराबंकी में एसपी पद पर तैनाती के दौरान एक मामले में लापरवाही बरतने पर डॉक्टर सतीश कुमार को निलंबित किया गया था.
  • सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के केस में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसएसपी सुभाषचंद्र दुबे भी निलंबित हुए थे.
  • नोएडा में एसएसपी रहे वैभव कृष्ण द्वारा कुछ गोपनीय सूचनाओं को मीडिया में देने के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था.
  • प्रयागराज का एसएसपी रहते हुए अतुल शर्मा पर भी निलंबन की गाज गिरी चुकी है।
  • पशुधन घोटाले के आरोपियों से साठगांठ के आरोप में अरविंद सेन और दिनेशचंद्र दुबे भी कुछ दिन पूर्व निलंबित किया गया हैं.