कोरोना संकट काल में हर आम और खास तमाम तरह की दिक्कतें झेल रहा है लेकिन कोरोना से इस जंग में तीन विभागों की इमेज कई मायनों में बदल गई है। दरअसल कोरोना संक्रमण के दौरान जहां मित्र पुलिस ने हर किसी के दिल में जगह बनाई है तो वहीं विवादों में रहने वाली यूपी की जेलें सुधारगृह साबित हो रही है। वहीं सीमित संसाधनों के बाद भी यूपी का फायर विभाग कोरोना से फाइट में दिन रात डटा हुआ है।

जानिए पूरा मामला

दर्द से कराहते हुए को दवाई पहुंचानी हो या किसी भूखे के घर भोजन पहुंचाना हो यूपी की पुलिस हर जरूरतमंद की यथासंभव मदद कर रही है। बता दें कि यूपी 112 पुलिस मुख्यालय और जिलों की सोशल मीडिया सेल के जरिए प्रदेश की पुलिस दो लाख से ज्यादा लोगों को खाद्य सामग्री की मदद पहुंचा चुकी है। इतना ही नहीं दवा व अन्य मदद के लिए आई हर फोन कॉल पर पुलिस फौरन सामान लेकर दौड़ी चली जाती है।

जेलों में बंदी तैयार कर रहे मास्क

वहीं कोरोना संकट के बाद से जेलों में भी बंदियों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क तैयार किए जा रहे हैं। बता दें कि अब तक जेलों में बंद बंदियों व कैदियों द्वारा 5 लाख से ज्यादा मास्क बनाए जा चुके हैं। इनमे से तीन लाख से ज्यादा मास्क 150 निजी संस्थानों, एनजीओ व सरकारी विभागों में सप्लाई किए गए हैं और बाकी बंदियों के इस्तेमाल के लिए रखे गए हैं। गौरतलब है कि नोएडा के एक निजी संस्थान ने महकमे को एक लाख मास्क का आर्डर भी दिया है। इतना ही नहीं 16 जेलों में तो सैनिटाइजर भी तैयार किया जा रहा है। जेल में 150 पीपीई किट भी तैयार की जा रही हैं इनमे से 50 किट बलरामपुर अस्पताल को सप्लाई भी की जा चुकी हैं।

अब तक की सबसे बड़ी चुनौती

वहीं डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी कहते हैं कि कोरोना संकट पुलिस विभाग की अभी तक की सबसे बड़ी चुनौती है। विभाग इसका पूरी मजबूती से डटकर सामना कर रहा है। पुलिस के काम को सराहा भी जा रहा है। वे कहते हैं कि यह आने वाले समय मे पुलिसकर्मियों के व्यवहार में बड़ा बदलाव लाएगा। ये उन्हे और बेहतर बनने की प्रेरणा देगा। वहीं डीजीपी बताते है कि सरकार ने भी ड्यूटी करने वालों का पूरा ख्याल रखा है। विभाग को करीब 56 करोड़ रूपये पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और खानपान के लिए मिले हैं। इसके अलावा उनके जीवन की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों को खाना भी उपलब्ध करवाने जा रहा है।

फायर विभाग की भूमिका भी अहम

वहीं कोरोना से जंग में फायर विभाग भी अहम भूमिका निभा रहा है। हाई प्रेशर पंप और मिस्ड टेक्नॉलजी से लैस इन फायर विभाग के वाहनों से सभी जिलों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जा रहा है। कईं जिलों को तो पूरी तरह से सैनिटाइज भी किया जा चुका है।

अग्निशमन विभाग बड़ी लड़ाई के लिए हो रहा तैयार

वहीं डीजी फायर सर्विस आरके विश्वकर्मा का कहना है कि अग्निशमन विभाग को बड़ी लड़ाई के लिए तैयार किया जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने 30 करोड़ रूपये विभाग को दिए हैं। इससे 61 नई गाड़ियां व अत्याधुनिक संयत्र खरीदे गए हैं। हर जिले को सैनिटाइज किया जा रहा है।