कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए पूरे देश को लॉकडाउन किया गया है। वहीं तीसरे लॉकडाउन की शुरुआत के पहले दिन केंद्र सरकार ने शराब बिक्री की शुरुआत कर दी। जिसमे सोशल डिस्टेंस का पालन कराने के लिए जगह जगह ठेकों पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि पुलिसकर्मी करें तो क्या करें? हॉटस्पॉट पर ड्यूटी करें ता फिर ठेकों पर व्यवस्था बनाए। 

मुसीबत में फंस रहे पुलिसकर्मी 

अगर यूपी की बात करें तो दुकानें खुलने के पहले ही दिन पूरे प्रदेश में लोगों ने लाइन में लगकर करीब 225 करोड़ की शराब खरीदी। सुबह दुकान खुलने से पहले ही शराब की दुकानों पर लंबी कतारें लग गईं। पूरा-पूरा कैरेट शराब की खरीद रहे थे। कुछ ही देर में आलम कुछ ऐसा हो गया था कि कई जगह पुलिसकर्मियों को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया। कई जगह पुलिसकर्मी शराब के ठेकों पर व्यवस्था बनाने में लगे हुए थे। ताकि नियम न टूटे और लोग सोशल डिस्टेंस का पालन करें। जिन जगहों पर पुलिसकर्मियों ने सख्ती रखी वहां भी लोगों को संभालना काफी मुश्किल हो रहा था। लोग धक्का मुक्की करने पर उतर रहे थे। शराब दुकानेें खुलते ही कई जगह फिजिकल डिस्टेंसिंग धड़ाम हो गई। तमाम दुकानों के बाहर गोल घेरा बनाकर दो गज की दूरी के नियम का पालन भी किया गया। 

क्या क्या करें पुलिस

इस संकट की घड़ी में पुलिसकर्मी फ्रंट लाइन ड्यूटी भी कर रहे हैं। ड्यूटी का समय भी 12 घंटे का है। पुलिस बल सीमित है। ऐसे में कोरोना संक्रमण काल में पुलिस के सामने पहले से कई चुनौतियां हैं। ऐसा माना जा रहा है कि शराब की दुकानों के बाहर लाइन लगवाने में पुलिसकर्मियों पर दबाव और बढ़ जाएगा।