संतकबीर नगर। प्रेमी-प्रेमिका की शादी के लिए जब उनके घर वाले तैयार नहीं हुए तो दोनों महिला थाने पहुंच गए। प्रेमी-प्रेमिका ने महिला थाने की एसओ को अपनी पीडा सुनाई और शादी करने की बात कही। फिर क्या था। महिला एसओ मामले में रूचि दिखाई और प्रेमी युगल की थाना परिसर में ही शादी रचा दी। इसके लिए एसओ ने दोनों के परिजनों को थाने में बुलाकर समझाया। जिसके बाद युवक के परिजन शादी पर रजामंद हो गए।

दरअसल, गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र के जिगिना बाबू गांव निवासी सरिता (22) का दिल संतकबीर नगर के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के गोडही गांव के रहने वाले अरिवंद चौरसिया (24) पर आ गया। दोनों ने घर से भागकर मंदिर में शादी कर ली। जब इस बात की जानकारी दोनों के परिजनों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया। बता दें कि सरिता जिससे प्यार करती है वो रिश्ते में उसकी भाभी का भाई है।

प्रेमी युगल ने परिजनों से जान का खतरा जताते हुए दोनों शुक्रवार को महिला थाने पहुंचे और परिजनों से जान का खतरा जताया। दोनों ने बताया कि वे एक ही जाति-बिरादरी के है। दोनों शादी करना चाहते है, लेकिन उनके परिजन सामाजिक लोक लाज की वजह से सहमत नहीं हो रहे है। महिला थाने की एसओ ने उनकी समस्या गंभीरता से सुनी और बाद में लड़के पक्ष के लोगों को सूचना देकर थाने बुलाया।

युवक के परिजन थाने आए और एसओ ने समझाया-बुझाया तो वे युवती को बहू बनाने पर तैयार हो गए। महिला थाना परिसर में ही दोनों ने एक-दूसरे को माला पहना कर शादी की। दोनों ने एक-दूसरे का जीवन भर साथ निभाने का भरोसा देकर खुशी-खुशी अपने घर चले गए। महिला थाने की एसओ के इस सराहनीय पहल की सभी ने प्रशंसा की।


रिपोर्ट - चंदू शर्मा