श्रावस्ती: कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शुक्रवार को घरों में ही जुमे की नमाज हुई। इसमें मुल्क में अमन चैन की सलामती के साथ ही कोरोना जैसी बीमारी के खात्मे के लिए दुआ मांगी गई। रमजान के आखिरी जुमे पर होने वाली अलविदा की नामज को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा है। गुरुवार को ही प्रशासन ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर मस्जिद में नमाज पढ़ने से मना कर दिया था। शुक्रवार को अलविदा की नमाज पढ़ने के दौरान मस्जिदों में जाने से रोकने के लिए पुलिस तैनात रही है। साथ ही पुलिस ने मन्दिरों का भी भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।

कोरोना महामारी को लेकर लागू लॉकडाउन में मस्जिदों, मंदिरों या सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ इकट्ठा होने पर मनाही है। जिला प्रशासन ने अलविदा, जुमा और ईद पर भी लोगों से अपने घरों में ही नमाज पढ़ने की अपील की थी। शुक्रवार को आखिरी जुमे के दिन अलविदा की नामज पढ़ने लोग मस्जिद में न जाएं इसके लिए जिले के सभी मस्जिदों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दी गई। पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने पुलिस बल के कस्बा भिनगा का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान एसपी ने मस्जिदों पर तैनात पुलिस को सतर्क रहने तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई का निर्देश दिया।

वहीं अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे ने पुलिस टीम के साथ रात में विभिन्न थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर धार्मिक स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने धर्मगुरुओं से वर्तालाप कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। श्री दूबे ने सुबह चार बजे भिनगा काली मंदिर, इसके बाद सीताद्वार मंदिर का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने इकौना, मल्हीपुर आदि क्षेत्र में स्थित मस्जिदों का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस जवानों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया साथ ही मस्जिदों में लोगों की भीड़ इकट्ठा न हो इसका भी ध्यान रखने को निर्देशित किया। इसी तरह सीओ भिनगा हौसला प्रसाद व सीओ इकौना तारकेश्वर पांडेय ने भी मस्जिदों का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी। पुलिस पूरा दिन मस्जिदों पर तैनात रही जिसके चलते लोगों ने अलविदा की नमाज अपने घरों में ही अदा की।

  • रिपोर्ट- चंदू शर्मा