जहां सभी के मन में पुलिस को लेकर एक नकारात्मक छवी बनी हुई है। वहीं इस कोरोना काल के दैरान पुलिस का एक नया चेहरा भी सामने आया है। ऐसे में सहारनपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे पुलिस का मानवीय रूप सामने आया है। दरअसल, बुधवार की देर रात सहारनपुर में राजस्‍थान के एक परिवार की गाड़ी खबरा हो गई। जब परिवार को कोई रास्‍ता नहीं सूझा तो उन्‍होंने सहारनपुर और UP Police को टैग करते हुए ट्वीट कर दिया। जिसके बाद तो जैसे पुलिस ट्वीट का ही इंतजार कर रही हो। पुलिस मैकेनिक के साथ 10 मिनट के अंदर ही पहुंच गई। जसके बाद यह परिवार सहारनपुर पुलिस की तारीफ करते नहीं थक रहा है।

अस्थियां लेकर जा रहे थे हरिद्वार 

आपको बता दें कि मूल रूप से राजस्थान के गंगानगर जिले के सूरतगढ़ के रहने वाले अतुल भारद्वाज पुत्र विजय भारद्वाज पंजाब के लुधियाना में कारोबार करते हैं। कुछ दिन पहले अतुल भारद्वाज के दादाजी का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। अतुल भारद्वाज अपने परिवार के साथ उनकी अस्थियां लेकर राजस्थान के गंगानगर से चलकर हरिद्वार जा रहे थे। बुधवार की रात सहारनपुर के चमारी खेड़ा टोल प्लाजा के पास अचानक अतुल भारद्वाज की गाड़ी खराब हो गई। रात के लगभग 11 बजे थे। सड़क पर इक्का-दुक्का वाहन ही दिख रहे थे।

दुकान खुलवा कर मकैनिक को बुलाया

अतुल भारद्वाज ने उसी समय सहारनपुर पुलिस को ट्वीट किया और मदद मांगी। सहारनपुर की साइबर सेल ने तत्काल टि्वटर देखा और उसी नंबर पर फोन किया। क्योंकि मामला फतेहपुर थाना क्षेत्र का था। इसलिए फतेहपुर पुलिस को सूचना दी गई। फतेहपुर थाने के एसएसआई सत्येंद्र सिंह मैं पुलिस के अतुल भारद्वाज की गाड़ी के पास पहुंचे और रात में ही एक मकैनिक की दुकान खुलवा कर मकैनिक को गाड़ी के पास बुलाया। उनकी गाड़ी को ठीक कराया। जिसके बाद अतुल भारद्वाज अपने दादा की अस्थियां लेकर हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गए। अतुल भारद्वाज का कहना है कि जिस तरह सहारनपुर पुलिस ने हमारी मदद की है ऐसे लगता है कि अब उत्तर प्रदेश में पुलिस का चेहरा ही बदल गया है।