कोरोना संकट के कारण लागू हुए लॉकडाउन में जब काम ही छूट गया तो प्रवासी मजदूरों के पास अपने अपने गांव जाने के अलावा कोई रास्ता न बचा। हालांकि इस दौरान सरकार द्वारा मजदूरों को हर प्रकार की सहायता देने का आश्वासन भी दिया जाता रहा है। बावजूद इसके हजारों मजदूर पैदल ही अपने घर का मीलों का सफर तय करते दिख रहे हैं। ऐसे में प्रवासी मजदूरों के इस कठिन सफर में यूपी पुलिस एक मसीहा की तरह इन श्रमिकों की मदद कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक हजार से ज्यादा कामगारों की मदद की जो यूपी की सीमा से गोपालगंज के जलालपुर चेकपोस्ट पर पहुंचे थे।

जानिए पूरा मामला

इन दिनों देश के हर राज्य की सड़कों पर दिन रात अपना सामान सिर पर उठाए मजदूरों का कारवां पैदल अपने-अपने गांव की और बढ़ता नजर आ रहा है। दरअसल लॉकडाउन के कारण इन प्रवासी मजदूरों का काम छूट गया है और इस कारण जब यातायात की कोई सुविधा नहीं मिली तो ये मजदूर अपने-अपने घरों का मीलों का सफर पैदल तय करते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि कठिन रास्तों में बीवी बच्चो के साथ निकले इन मजदूरों को कोई परेशानी न हो इसके लिए यूपी पुलिस हर संभव कोशिश करती नजर आ रही है। कई जगहों से यूपी पुलिस द्वारा मजदूर को खाना पीना उपलब्ध कराने की तस्वीरें सामने आ रही है तो कई जगह यूपी पुलिसकर्मी खुद ट्रक रूकवाकर पैदल जा रहे मजदूर को वाहन की सुविधा तक मुहैया करा रहे हैं।

मजदूरों ने यूपी पुलिस का धन्यवाद किया

बता दें कि 14 मई को भी करीब एक हजार से ज्यादा मजदूर यूपी की सीमा से गोपालगंज के जलालपुर चेकपोस्ट पर पहुंचे थे। इन मजदूरों ने यूपी पुलिस की तारीफ के जमकर पुल बांधे। कुछ मजदूरों के मुताबिक वे पैदल ही बिहार के लिए निकले थे। इस दौरान रास्ते में इन मजदूरों ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मजदूरों की पीड़ा को समझते हुए यूपी पुलिस के जवानों ने राह से गुजर रहे ट्रकों को रुकवाया और मजदूरों को बिहार जाने में मदद की। बता दें कि ट्रक में तकरीबन 37 लोगों को बैठाया गया था। वहीं पैदल चल-चलकर थक चुके इन मजदूरों ने बेहद भावुक होते हुए यूपी पुलिस का तहेदिल से शुक्रियादा किया।