श्रावस्ती 24 जनवरी,2020/सू0वि0/प्रदेश सरकार द्वारा 24 से 26 जनवरी, 2020 तक उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जा रहा है प्रदेश सरकार की निर्देशानुसार जिले में 24 जनवरी, 2020 को उत्तर प्रदेश दिवस मनाया गया मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी सुश्री यशु रूस्तगी एवं मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

  इस अवसर पर अपने सम्बोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त प्रांत से बदलकर उत्तर प्रदेश नाम हुआ और बाद में पुनर्गठन कर उत्तर प्रदेश का मौजूदा स्वरूप तय किया गया, मुख्य रूप से हिन्दी भाषा बोले जाने वाला इस प्रदेश में गंगा जमुना जैसी इतिहासिक नदियाॅ बहती है तथा राम और कृष्ण की जन्म भूमि होने के कारण यहा अनेक दार्शनिक स्थल विद्यमान होने के साथ-साथ ताज महल एवं फतेहपुर सीकरी व किला स्मारक स्थल इस प्रदेश में होने से बहुत बडा महत्व है। तथा 20 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाला यह प्रदेश है। यहां पर तमाम दार्शनिक और पौराणिक स्थल होने से इस प्रदेश का और महत्व बढ़ जाता है। उन्होने कहा कि हमारा प्रदेश निरन्तर विकास की ओर अग्रसर है प्रदेश सरकार द्वारा जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से जो भी विकास कार्य कराये जाने हेतु धन दिया गया है सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि उनका समय से सदुपयोग करके जिले को और विकसित करें।  

          जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षित समाज से ही बेहतर समाज का विकास होता है। समाज की चहुॅमुखी विकास में शिक्षा की बहुत बडी भूमिका है जिले में शिक्षा की साक्षरता दर अन्य जनपदों से कम है जो चिन्ता का विषय है इसके अलावा यहा पर लोग जागरूकता के अभाव में अपने बेटे एवं बेटियों का बाल विवाह भी कर देते है यह भी एक चिन्ता का विषय है इसलिए ग्राम प्रधानों का दायित्व बनता है कि वे गांव के मुखिया होने के कारण उन्हे भी  संकल्प लेना होगा कि हम अपने बेटों के साथ बेटियों को भी बिना भेद भाव के शिक्षित करने के साथ साथ यह भी ध्यान देना होगा कि हम अपने बेटियों का बाल विवाह करकें उनके पढ़ाई का हक छीनेगें और न ही अपने गाॅव, पास पड़ोस में बाल विवाह नही होने देगें। उन्होने कहा कि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर भी अधिक है जो भी समाज के लिए बहुत ही चिन्ता का विषय है इसका भी मुख्य कारण बाल विवाह है। कम उम्र में मां बनने से लड़कियों के सेहत पर बुरा असर पड़ता है। उनके शरीर में बहुत से पोषक तत्वों की कमी हो जाती है तथा बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। और मातृ मृत्यु दर की संभावना बहुत अधिक होती है। देश में विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। यदि बाल विवाह के सम्बन्ध में जो भी व्यक्ति जानकारी देगा यदि जांच कराने पर सत्य पाया जाता है तो जानकारी देने वाले को 1000/- का पुरूस्कार दिया जायेगा तथा नाम गुप्त रखा जायेगा। बाल विवाह की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी के मोबाइल नम्बर 7518024032 या महिला हेल्पलाइन नम्बर 1090, 181, 112 पर भी दी जा सकती है। यदि किसी के द्वारा बाल विवाह करने की सूचना सत्य मिलती है तो सम्बन्धित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी तथा 02 वर्ष की सजा का प्राविधान है।

        इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य का नाम उत्तर प्रदेश कैसे पड़ा इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को है उत्तर प्रदेश दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है जनता को अपने प्रदेश के इतिहास और संस्कृति की जानकारी मिल सके क्योंकि यह प्रदेश गंगा जमुना तहजीब को समेटे हुए है। इससे प्रदेश का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होने कहा कि जनपद में बाल विवाह, शिक्षा, स्वास्थ्य के विषय में चर्चा की। इस पर उन्होने कहा कि जनपद में बाल विवाह अधिक होने के कारण मातृ/शिशु मृत्युदर अधिक हो रही है तो चिन्ता का विषय है। जनपद में जन्मदर 5 से 6 बच्चे प्रति परिवार है। अधिक संख्या होने से बच्चों के लालन पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। आज सभी प्रधानगण यह शपथ लेकर जांए कि अपने गांव में बेटों के साथ बेटियों को विद्यालय जरूर भेजेगें और जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में मदद करेगें यदि कोई भी व्यक्ति उनके पास पड़ोस या गांव में बाल विवाह करेगा तो रोका जायेगा यदि बाल विवाह करने वाले बच्चों के माता पिता नही मानते है तो इसकी सूचना 1090 और प्रशासन को भी देगें।

            मुख्य विकास अधिकारी ने सुजल एवं स्वच्छ गांव के विषय में परिचर्चा की। उन्होने अपने सम्बोधन में कहा कि गांवों के विकास हेतु सरकार प्रतिबद्ध है, श्रावस्ती के 397 ग्राम पंचायतों की सूरत बदलने के ठोस शुरुवात की गई है। सभी ग्राम पंचायतों के सृजित ’’सुजल एवं स्वच्छ गांव’’ बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा0) द्वारा व्यापक रणनीति बना ली गयी है। सभी ग्राम प्रधानों व सचिव दक्ष होकर अपने गांवों को बेहतर ढंग से स्वच्छ बना सकें। ताकि लोग स्वच्छता अपनाकर स्वच्छ एवं स्वस्थ्य वातावरण में रह सकें। ग्राम प्रधानों के साथ यह भी रणनीति बनाया गया कि किस प्रकार गांव को ’’सुजल एवं स्वच्छ गांव’’ बना सकते है।

            उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने भी अपना विचार व्यक्त किया तथा अपर जिलाधिकारी योगानन्द पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। यू0पी0 दिवस के अवसर पर सूचना विभाग द्वारा विकास एवं सुशासन के 30 माह पुस्तिका एवं ग्राम प्रधानों को नागरिक संशोधन अधिनियम-2019 का पम्पलेट वितरण कर जानकारी दी गई।  

          कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रधानगणों को बेटियों का बाल विवाह न करने और उन्हे विना भेदभाव के शिक्षित करने के लिए संकल्प दिलाया गया।

           इस अवसर पर उप जिलाधिकारी/जिला प्रोबेशन अधिकारी आर0पी0 चैधरी, प्रभागीय वनाधिकारी ए0पी0 यादव, परियोजना निदेशक बाल गोविन्द शुक्ला, डी0सी0 मनरेगा, जिला विद्यालय निरीक्षक चन्द्रपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओमकार राणा, जिला कृषि अधिकारी आर0पी0 राना, जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह एवं प्रधानगण उपस्थित रहे।

रिपोर्ट - ब्यूरो प्रवीण मिश्रा