हाल ही में यूपी के शामली जिले में एक महिला दारोगा ने कैराना कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि कोतवाल उनसे बेहद बुरी तरह से बात करते हैं। इस मामले की शिकायत उन्होंने एसपी से की थी। पूछताछ में एसपी ने कोतवाल को दोषी मानते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही महिला दारोगा को महिला थाने से सम्बद्ध कर दिया। वहीं एसपी ने मामले की जांच जिले के एएसपी को सौंपी है।

एसपी डीएम ने सुना दोनों का पक्ष

डीएम जसजीत कौर और एसपी नित्यानंद राय ने बृहस्पतिवार को महिला दारोगा मंजू को बुलाकर कैराना कोतवाल प्रेमवीर राणा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में विस्तृत रूप से उनकी समस्याओं को सुना। महिला दारोगा का पक्ष सुनने के बाद इस प्रकरण की जांच के लिए दोनों एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव को नामित किया है।

महिला दारोगा के समर्थन में कई संगठन सामने आने से मामला गरमाता जा रहा है। एसपी नित्यानंद राय ने बताया कि इस प्रकरण की जांच पूरी होने तक कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा को पुलिस कार्यालय संबद्ध किया गया है, जबकि महिला दरोगा मंजू को महिला थाना संबद्ध किया गया है। इस दौरान कैराना कोतवाली का कार्यभार वहां तैनात इंस्पेक्टर अपराध रूप किशोर को सौंपा गया है।

पीड़िता ने लगाया ये आरोप

गौरतलब है कि पीड़ित महिला दारोगा का कहना है कि कांधला थाना से मुझे कैराना कोतवाली में 25 जुलाई को ट्रांसफर करके एंटी रोमियो टीम इंचार्ज बनाकर नियुक्त किया। जिसमें मुझे नारी सशक्तिकरण योजना को सफल बनाने के लिए भी कहा गया था। जहां मैं नारी सशक्तिकरण योजना को सफल बनाने के लिए सुबह 7 बजे से रात के 8 बजे तक लगी रहती हूं। अगर किसी कारण वश में कभी थोड़ा लेट हो गई है या फिर कोतवाली में बने अपने कमरे पर दवाई लेने चली गई तो मुझे निकम्मी कह कर बुलाया जाता है और तभी मेरी रपट भी लिखवा दी जाती है।