उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोस्ट वांटेड अपराधी टिंकू कपाला उर्फ कमल किशोर को यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार रात बाराबंकी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में आतंक का पर्याय बने टिंकू कपाला पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वर्ष 2019 में टिंकू ने कृष्णानगर स्थित आरके ज्वैलर्स में डकैती डालकर दो लोगों की हत्या की थी। इस मामले में पुलिस ने उसके साथियों को पकड़ा था, लेकिन टिंकू पुलिस को चकमा दिए था। एसटीएफ को मौके से असलहा और कारतूस मिले हैं। उसके साथी की तलाश की जा रही है। 

एसटीएफ के जवानों पर फायरिंग करते हुए.. 

स्पेशल टास्क फोर्स के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि टिंकू कपाला चौक के निवाजगंज स्थित दिलाराम बरादारी मोहल्ले का रहने वाला था। उसके खिलाफ डकैती, लूट, हत्या, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट समेत अन्य संगीन धाराओं में दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। लंबे समय से पुलिस व एसटीएफ की टीमें उसकी तलाश कर रही थीं। शुक्रवार रात एसटीएफ को सूचना मिली कि टिंकू कपाला किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से लखनऊ-बाराबंकी सीमा पर आने वाला है। उक्त सूचना पर एसटीएफ ने बाराबंकी के सतरिख इलाके में जाल बिछाकर घेराबंदी की। इस पर टिंकू ने एसटीएफ के जवानों पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। एसटीएफ की जवाबी फायरिंग में उसे कई गोलियां लगी और वह ढेर हो गया। 

गुजरात और महाराष्ट्र में थे मुकदमे 

एसटीएफ अमिताभ यश के मुताबिक टिंकू कपाला उर्फ कमल किशोर उर्फ हेमंत कुमार उर्फ संजय उर्फ मामा बड़ी वारदात करके अंडरग्राउंड हो जाता था। उसने यूपी के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में भी डकैती व लूट की बड़ी वारदातें की। उसके खिलाफ गुजरात के वड़ोदरा और महाराष्ट्र के पुणे में भी कई मामले दर्ज थे।