श्रावस्ती जिले में अब तक लापरवाह बना हुआ है प्रशासन
जहां एक तरफ पूरे विश्व में कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, हर कोई वायरस से बचने के तरीकों को फ़ॉलो कर रहा है. इसी के चलते यूपी के कई जिलों में अब तक प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश में ऐसे पुलिसकर्मी और होमगार्ड की काफी संख्या है, जिनके पास मास्क नहीं है। मजबूरी में वह मुंह पर रुमाल बांधकर अपराध नियंत्रण में लगे रहते हैं। यूपी में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सतर्कता भी बढ़ गई है। सरकार मशीनरी के साथ ही आम लोग भी कई स्तर पर सावधानियां बरत रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए लोग मास्क और हैंड सैनेटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्थिति ये कि बाजार में एकाएक इनकी डिमांड बढ़ गई है। शहर के कई प्रमुख कैमिस्ट के पास मास्क और सैनेटाइजर का टोटा हो गया। सामान्य मास्क तो फिर भी पर उपलब्ध हैं, लेकिन एन-95 मास्क बाजार से गायब हैं।
दरअसल, विशेषज्ञों की ओर से सलाह दी जा रही है कि बार-बार हाथ धोएं और सफाई रखें। ऐसे में हैंड सैनेटाइजर का उपयोग बढ़ गया है। वहीं लोग अब मास्क भी लगाकर चल रहे हैं। अस्पतालों में जहां तमाम डॉक्टर-कर्मचारी मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आमजन में भी जागरूकता बढ़ी है।
उत्तर प्रदेश के पुलिसवाले अक्सर मुश्किलों में फंसे लोगों की फरिश्ता बनकर मदद करते नजर आते हैं। लेकिन इसके परे अन्य विभागीय लोगो की या कार्यालयों की बात करे तो अब भी यहा लोग लापरवाह बने हुवे है जबकि सब ज्यादा संपर्क में विभागीय लोगो से आमजन अपने अपने कामकाजो को लेकर कार्यालय में दिखाई पड़ते है पर अब भी प्रशासन लापरवाह बना हुवा है जो चिंता का विषय है। 
अपने देश की पुलिस सेवा दुनिया की सबसे बड़ी पुलिसिंग मानी जाती है ऐसे में हिंदुस्तान के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की पुलिस सेवा बहुत ही महत्वपूर्ण और जिम्मेदारियों की कसौटी पर रहती है. आजादी के बाद से लेकर अब तक पुलिस की चुनौतियां समय के साथ बढ़ रही है और साख हमेशा लोगों के निशाने पर रहती है।
क्या है कोरोना वायरस
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस (Corona Virus) के मरीज मिले थे. यह वायरस निमोनिया से पीड़ित मरीजों में पाया गया था. इंसान से इंसान में फैलने वाला वायरस है. कोरोना वायरस पहले ऊंट, बिल्ली, चमगादड़ में मिलता था। अब इंसानों में भी फैलने लगा है. डब्ल्यूएचओ ने इसे नोबेल कोरोना 2019 नाम दिया है.
थूक और छींक से कोरोना वायरस इधर से उधर होता है. अगर बोलते समय मुंह से थूक के ड्रॉपलेट भी अगर आप तक पहुंचते हैं तो खतरा बढ़ सकता है. सिर्फ बोलते समय ही नहीं, अगर बीमार व्यक्ति का थूक इन चीजों पर गिरता है और आप ‌इन्हें टच करते हैं तो भी वायरस फैलने का खतरा है. इसलिए हाथ अच्छे से धोते रहें. सफाई का ध्यान रहें.
रिपोर्ट -  चंदू शर्मा