आए दिन यूपी पुलिस पर हमले की खबरें सामने आती रहती हैं, जिसके चलते अब डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने ये कहा है कि पुलिसकर्मी यदि कानून-व्यवस्था की किसी स्थिति से निपटने या किसी अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने जाएं तो वे दंगारोधी उपकरणों से लैस हों। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से थाना प्रभारी की होगी।

डीजीपी ने कहा ये

जानकारी के मुताबिक, आए दिन ये खबरें सुनने में आती हैं जब दबिश देने गई पुलिस टीम हा दंगा नियंत्रण में पुलिसकर्मियों पर हमला हो गया। कई जगह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इन्हीं सबसे पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए डीजीपी ने ये कदम उठाया है। डीजीपी ने कहा है कि यदि दंगारोधी उपकरणों का उपयोग न करने के कारण कोई पुलिसकर्मी घायल होता है तो संबंधित थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

अपराधियों पर जल्द कार्रवाई का भी दिया निर्देश

इसके साथ ही डीजीपी ने यह सलाह दी है कि जिन स्थानों पर पूर्व में पुलिस बल पर हमले की घटनाएं हुई हैं वहां पर्याप्त पुलिस बल के साथ जाएं। उन्होंने पुलिस पर हमलों के शेष वांछित अभियुक्तों की तत्परता से गिरफ्तारी करने तथा लंबित विवेचनाओं का गुणदोष के आधार पर पुष्टिपरक साक्ष्य एकत्र कर समयबद्ध निस्तारण करने का निर्देश भी दिया है।

रिपोर्ट - चंदू शर्मा