उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोतवाल के अधिकार में और ज्यादा इजाफा कर दिया है। दरअसल बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन है। वहीं इस दौरान लॉकडाउन का पालन करवा रही पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले भी सामने आ रही है। वहीं इन मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए पुलिस स्टेशन ऑफिसर के अधिकार बढ़ा दिए हैं जिसके बाद अब वह आपदा प्रबंधन अधिनियम में सीधे कोर्ट में केस दायर करा सकेंगे।

जानिए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नया आदेश पारित किया गया है जिसके मुताबिक प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा कोतवाल के अधिकार क्षेत्र में इजाफा कर दिया गया है। नए आदेश के अनुसार आपदा प्रबंधन अधिनियम,2005(2005 का अधिनियम संख्या 53) की धारा 60 के प्रस्तर(क) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल, संबंधित पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (सब इंसपेक्टर के पद से अन्यून) को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के अध्याय-10 की धारा 51 से 59 के अन्तर्गत कारित किए गए अपराधों से संबंध में अपने अधिकारिता के न्यायालयों में परिवाद दायर करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी के रूप में अधिकृत किये जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान करते हैं।

थानेदार खुद केस दर्ज कर कोर्ट में शुरू कराएंगें ट्रायल

गौरतलब है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 60 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए पुलिस के अधिकारों में बढ़ोतरी की है। जिसके बाद अब पुलिस स्टेशन ऑफिसर आपदा प्रबंधन अधिनियम में सीधे कोर्ट में केस दायर करा सकेंगे। यानी अब थानेदार खुद केस दर्ज करके कोर्ट में ट्रायल शुरू कराएंगे। इससे पहले जिला आपदा समिति की शिकायत पर ही केस दर्ज होता था।