यूपी के कानपुर में हुए शूटआउट कांड में हर रोज नई नई बाते सामने आती रहती हैं। हाल ही में इस बात का खुलासा हुआ था कि विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के घर में तीन दारोगा अवैध रूप से रह रहे हैं। जिसके बाद आईजी मोहित अग्रवाल ने तीनों को सस्पेंड कर दिया था। इस बात को एक महीना भी नहीं बीता कि अब तीनों को बहाल कर दिया गया। इतना ही नहीं तीनों को क्लीन चिट भी मिल गई है।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे के खजांची गैंगस्टर जय बाजपेई के मकान में अवैध रूप से रह रहे जिन तीन दरोगाओं को 20 अगस्त को आईजी के निर्देश पर सस्पेंड किया गया था, उन्हें एक पखवारे बाद ही क्लीन चिट देकर नई तैनाती दे दी गई है। बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती, इसी मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल आईजीआरएस पर झूठी रिपोर्ट देने के आरोप में लाइन हाजिर किए गए एसआई की भी बहाली हो गई है।

इस मामले के खुलने के बाद एक बार फिर एक माह के अंदर ही निलंबन और बहाली के इस खेल ने गैंगस्टर, दरोगा और पुलिस अफसरों की साठगांठ का पर्दाफाश कर दिया है। बता दें कि विकास दुबे के खजांची गैंगस्टर जय बाजपेई के मकान में अवैध रूप से रह रहे तीन दरोगाओं को 20 अगस्त को आईजी के निर्देश पर सस्पेंड किया गया था।

छापेमारी में हुआ था खुलासा

गौरतलब है कि जय बाजपेयी की गिरफ्तारी के बाद भी तीन दारोगा उसके घर पर डेरा जमाया गए थे। जिसके चलते आईजी ने जय बाजपेयी के ब्रह्मनगर स्थित मकान नंबर 111-481 में छापा मारने के निर्देश दिए। जांच के दौरान घर पर कर्नलगंज में तैनात उप निरीक्षक राजकुमार, अनवरगंज में तैनात उप निरीक्षक उस्मान और रायपुरवा में तैनात उप निरीक्षक खालिद रहते मिले। इसी के चलते आईजी के आदेश पर तीनों को सस्पेंड कर दिया गया।