बस्ती जिले में स्वच्छता अभियान के तहत गांव में बनाए जाने वाले शौचालय के मद में आए 63 लाख 19 हजार रुपयों का चार प्रधानों व सेक्रेटरी ने मिलकर बंदरबांट कर लिया है। मामला हर्रैया विकास खंड के ग्राम पंचायत मजगवां, भानपुर, बांसगांव और केशवापुर का है। इसका पर्दाफाश होने पर सेक्रेटरी समेत चार ग्राम प्रधानों पर गबन का एफआईआर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दर्ज कराया गया है।

पिछले दिनों शासन के सख्त रवैये के चलते जनपद को ओडीएफ कराने के नाम पर अफसरों ने कागजों पर आनन-फानन में शौचालय निर्माण दिखाकर ओडीएफ का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया था। इसकी हकीकत सत्यापन में खुलकर सामने आ रही है।

दरअसल, ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण की किस्त निकालने के बावजूद लाभार्थियों को नहीं दी गई। इसका पर्दाफाश नोडल डीसी के सत्यापन में हुआ। फिलहाल डीपीआरओ ने शौचालयों की धनराशि के गबन पर ग्राम प्रधान व सचिव को नोटिस पहले ही जारी कर दिया था।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत के जिले के हर्रैया विकास खंड की ग्राम पंचायत मझगवां, भानपुर, बांसगांव और ग्राम पंचायत केशवापुर में शौचालयों के निर्माण के लिए पहली व दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद चारों ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों को अब तक धनराशि नहीं दी गई। जबकि सत्यापन में पाया गया कि छह खातों से 63.19 लाख की धनराशि निकाली ली गई।


रिपोर्ट - सुशील शर्मा