कोरोना संकट के कारण पूरे देश में लॉकडाउन की वजह से गरीबों और मजदूरों के सामने सबसे बड़ी समस्या खाने-पीने की खड़ी हो गई है। कोरोना संकट के कारण पूरा देश लॉकडाउन हैं। ऐसे समय में रोज कमाने-खाने वालों के लिए काफी परेशानी खड़ी हो गई है। लेकिन इस मुश्किल की घड़ी में उत्तर प्रदेश की पुलिस गरीबों की बढ़-चढ़कर मदद कर रही है। प्रदेश के श्रावस्ती में तो पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने, ‘कोई भूखा न रह जाए’ योजना की शुरूआत की है। एसपी अनूप सिंह के निर्देश पर जिले की पुलिस मेस में ही खाना बनाकर जरूरतमंदों के साथ ही जानवरों का भी पेट भर रही है।

जानिए पूरा मामला

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश 21 दिन तक लॉकडाउन हैं। इस संकट के समय शहर समेत देहात क्षेत्रों में रंहने वाले कई गरीबों का रोजगार बंद हो गया है और उनके सामने दो वक्त की रोटी के जुगाड़ की समस्या भी खड़ी हो गई है। ऐसे में प्रदेश की पुलिस लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन कराने के अलावा हर भूखे को भोजन देने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही है।

जानिए पूरी खबर

लॉक डाउन का जायजा लेने हेतु क्षेत्राधिकारी नगर हौसला प्रसाद द्वारा क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इस दौरान एक असहाय गरीब परिवार को खाद्य सामग्री (5 किलो आटा, 5 किलो चावल, 2 किलो आलू, 1 किलो दाल, 1 किलो चीनी, 1 किलो प्याज, मसाला आदि ) उपलब्ध कराई गई।

पुलिस गरीबों को दे रही भरोसा

खाने की व्यवस्था करने के साथ ही पुलिस गरीबों को ये भी भरोसा दे रही है कि उन्हे कहीं जाने की जरूरत नहीं है। पुलिस उनकी मदद के लिए मौजूद है।पुलिस उनके लिए खाना, दवा सहित अन्य सभी जरूरी चीजों का इंतजाम कर रही है। उन्हें सिर्फ घरों में रहना है और बाहर निकलने के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखनी है ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके।