कोरोना संकट के कारण लागू किए गए लॉकडाउन का तो यूपी पुलिस सख्ती से पालन करा ही रही है। वहीं पुलिस इस दौरान सोशल मीडिया के जरिए सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर भी डीजीपी के निर्देशानुसार पैनी निगाह रखे हुए हैं। बता दें कि पुलिस मुख्यालय का सोशल मीडिया सेल अब तक आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ प्रेदश में 578 मुकदमे भी दर्ज कर चुका है।  

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय का मीडिया सेल लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया सेल की भी सतत निगरानी कर रहा है। बता दें कि अब तक प्रदेश में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड करने के आरोप में 578 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं इस विषय में पुलिस प्रवक्ता बताते हैं कि सोशल मीडिया सेल बीती 16 मार्च से लगातार अपनी पैनी निगाह सोशल मीडिया पर बनाए हुए हैं। 16 मार्च से 27 अप्रैल के दरम्यान दर्ज हुए मुकदमों में 151 मुकदमें भ्रामक सूचना व अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ, 310 सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ एवं 117 अभियोग अन्य कारणों और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने आदि के खिलाफ पंजीकृत किए गए हैं।

अब तक 684577 का हुआ चालान

उन्होने बताया कि अभी तक कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन से संबंधित 3993 ट्वीट मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेल को प्राप्त हुए जिनमे चिकित्सीय सहायता एवं दवा उपलब्ध करवाने के लिए 262, भोजन उपलब्ध करवाने के लिए 432, लॉकडाउन के उल्लंघन के लिए 1459 एवं अन्य ट्वीट विभिन्न विषयों पर प्राप्त हुए हैं। जिनका संज्ञान लेकर संबंधित जनपद के माध्यम से आवश्यक सहायता व कार्रवाई की गई। वहीं लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के साथ ही पुलिस ने अब तक 684577 का चालान और 32654 वाहन सीज किए हैं। इन वाहन चालकों से 12 करोड़ 83 लाख 64 हजार 382 रूपए शमन शुल्क वसूल किया गया है। वहीं धारा 188 भादवि के तहत 32316 मुकदमे और जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ ईसी एक्ट के अन्तर्गत 563 मुकदमे दर्ज किए हैं।


रिपोर्ट - चंदू शर्मा