फर्रुखाबाद (Farrukhadbad) में आठ घंटे के ऑपरेशन के बाद बंधक बनाए गए 23 बच्चे छुड़ा लिए गए हैं, पुलिस ने मुठभेड़ में बच्चों को अगवा करने वाले सुभाष बाथम मारा गिराया. बच्चों को बाहर निकालने के लिए यूपी पुलिस ने इसे ‘ऑपरेशन मासूम’ का नाम दिया था. बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस ऑपरेशन को सफल बनाने वाली पुलिस टीम की सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने पीठ थपथपाई है. मुख्यमंत्री ने पुलिस टीम को 10 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है.

योगी देर रात जागकर करते रहे मॉनिटरिंग

बंधक बनाए गए बच्चों के मामले की जानकारी जैसे ही सामने आई सीएम योगी ने तत्काल वीडियो कांफ्रेंसिग से डीएम और एसपी से बात कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए. इतना ही नहीं देर रात योगी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. इस बैठक में मुख्य सचिव, मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी, एडीजीपी कानून-व्यवस्था मौजूद रहे. सीएम योगी ने इस घटना की पूरी जानकारी ली और अधिकारियों से बच्चों को सुरक्षित निकालने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित बचाना हमारी प्राथमिकता है. सीएम देर रात कर मामले पर नजर बनाए रखे और पुलिस के संपर्क में बने रहे, जैसे ही ऑपरेशन सफल की खबर सामने आई सीएम ने करीब 2 बजे पुलिस टीम को 10 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की.

 

ये है पूरा मामला

करथिया गांव निवासी सुभाष बाथम एक शातिर बदमाश था. उसने गुरुवार दोपहर घर पर अपनी बेटी गौरी का जन्मदिन होने के नाम पर गांव के बच्चों को बुलाया था. दोपहर तीन बजे तक उसने गांव के 23 बच्चों को इकट्ठा कर लिया. फिर उसने सभी बच्चो को घर में बंद कर लिया. काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो पड़ोसी आदेश की पत्नी बबली अपनी पुत्री खुशी और बेटे आदित्य को बुलाने के लिए उसके घर पहुंच गई. उसने दरवाजा खटखटाया तो सुभाष ने खोलने से मना कर दिया. जब उसने ज्यादा जिद की तो उसने कहा कि पहले गांव के लालू को बुलाकर लाओ. जब उसने मना किया तो वह गाली गलौज करने लगा. इस पर बबली अपने घर आई और परिजनों को जानकारी दी.

बदमाश ने 6 बार फायरिंग की, हथगोला भी फेंका

गांव वालों ने पुलिस को खबर दी. सूचना पर गांव पहुंची यूपी 112 के जवानों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया. कहा कि अपनी समस्या बताओ उसका निदान किया जाएगा. लेकिन उसने तब भी दरवाजा नहीं खोला. परेशान होकर यूपी 112 के सिपाहियों ने कोतवाली इंस्पेक्टर को खबर दी. इंस्पेक्टर राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. जब उन्होंने दरवाजा खोलने को कहा तो शातिर अपराधी ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं. इतना ही नहीं उसने अंदर से हैंड ग्रेनेड भी फेंका, जिसमें इंस्पेक्टर, पीआरवी के दीवान जयवीर और सिपाही अनिल घालय हो गए. इससे पुलिस पीछे हट गई. इतना ही नहीं उसने 35 किलो बारूद से घर को उड़ाने की धमकी भी दी.

जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में लाउड स्पीकर से उसे समझाने का प्रयास किया तो उसने फायर झोंक दिया. विधायक को भी पीछे हटना पड़ा. फायरिंग गांव के अनुपम दुबे और विवेक की पत्नी विनीता घायल हो गईं. बच्चों के बंधक बनाने से परिजन का बुरा हाल था. महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था. सभी अपने-अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहे थे. इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस के आला अफसर व प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए.

साजिश: साल में दूसरी बार मनाया बेटी का बर्थडे

एक पड़ोसी ने बताया कि सुभाष साल में दूसरी बार बेटी का बर्थडे मना रहा था. वह 8-10 हजार रुपए का सामान लाया था. मोहल्ले में खेल रहे बच्चों को उसने टॉफी का लालच देकर बुलाया. जब एक महिला अपने बच्चे को लेने गई तो बाथम ने लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी.

जेल जाने के लिए गांववालों के मानता था दोषी

बाथम को मौसा की हत्या के मामले में उम्रकैद हुई थी. 10 साल तक वह जेल में रहा. फिर हाईकोर्ट ने जमानत दे दी. करीब चार महीने पहले स्वाट टीम उसे चोरी के मामले में पकड़कर ले गई थी, तभी से वह गांव के लोगों से दुश्मनी रखता था. उसे शक है कि गांव वालों की वजह से ही वह मर्डर केस में फंसा. पुलिस और ग्रामीणों से बदला लेने के लिए उसने बच्चों को बंधक बनाने की योजना बनाई.


रिपोर्ट- चंदू शर्मा