हाल ही में जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने देश विरोधी बयान देते हुए ये कहा कि वो तिरंगा नहीं उठाएंगी। इसके जबाव में उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एसपी ऑफिस में तैनात कोतवाल धर्मराज उपाध्याय ने कविता के माध्यम से महबूबा मुफ्ती पर हमला बोला है। आइए आपको भी बताते हैं कि कविता के जरिए कोतवाल ने क्या कहा।

कोतवाल ने दिया कुछ यूं जवाब

आगे कवि कोतवाल धर्मराज उपाध्याय ने ये भी कहा कि महबूबा मुफ्ती जी, आपने कहा कि भारत का झंडा नहीं उठाएंगी, तो माफ करिएगा देश के लिए खून बहाने वालों की, जान देने वालों की और देश के दुश्मनों की जान लेने वालों ना कमी न थी, न है और न कभी रहेगी। जिसके मन में तिरंगे झंडे का सम्मान ना हो वह इस झंडे को उठाये या छुए, यह हमें हरगिज मंजूर नहीं। जय हिंद जय भारत।

आगे कविता के बोल ये हैं –

देश में अब कोई नया अजूबा नहीं चाहिए

पाले जो आतंकी, वह मंसूबा नहीं चाहिए

और झंडा हमारा ले कर गले मले जो पाक से, हमें ऐसी जहरीली ‘महबूबा’ नहीं चाहिए!

महबूबा मुफ्ती के इस बयान का दिया जबाव

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर को लेकर पिछले साल पांच अगस्त को संविधान में किए गए बदलावों को वापस नहीं ले लिया जाता, तब तक उन्हें चुनाव लड़ने अथवा तिरंगा थामने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को पिछले वर्ष अगस्त में समाप्त किए जाने के बाद से महबूबा हिरासत में थीं। रिहा होने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह तभी तिरंगा उठाएंगी, जब पूर्व राज्य का झंडा और संविधान बहाल किया जाएगा।