उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में अक्सर ही उत्पीड़न की खबरें सामने आती रहती हैं। ताजा मामला अमेठी जिले का है, जहां एक महिला दारोगा ने ही अपने सीनियर अफसरों एएसपी और एसओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आलम ये है कि उत्पीड़न से तंग होकर पीड़िता एसपी दफ्तर में इस्तीफा देने तक पहुंच गई। फिलहाल एसपी का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलते ही जांच के आदेश दिए जाएंगे।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, पुलिस कप्तान दिनेश सिंह द्वारा शनिवार की शाम प्रशासनिक आधार पर एक थाना प्रभारी समेत सोलह उप निरीक्षकों व कई हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल का स्थानांतरण किया गया था। स्थानांतरण आदेश के मुताबिक फुर्सतगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुधा वर्मा को महिला थाना स्थानांतरित किया गया था। स्थानांतरण आदेश जारी होने के दूसरे ही दिन यानी रविवार को एसआई सुधा वर्मा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई।

महिला दारोगा सुधा वर्मा ने वहां पहुंच कर ये बताया कि विभाग के एएसपी व एसओ पर तरह-तरह से परेशान करते हैं। जिस वजह से उनका नौकरी करना काफी मुश्किल होता जा रहा है। इसी लिए वह इस्तीफा देना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि उनका स्थानांतरण फरवरी 2020 में महिला थाना से फुरसतगंज थाने के लिए हुआ था। सुधा का कहना था कि महिला थाने में तैनाती के दौरान वह जब भी छुट्टी के लिए एएसपी के पास गईं उन्होंने हर बार मना कर दिया।

बार बार मना करने के बाद जब ज्यादा दिक्कत हुई तो एक बार वह छुट्टी स्वीकृत कराने के लिए एएसपी के आवास पर भी गईं लेकिन उन्होंने ये कहकर भगा दिया कि छुट्टी नहीं दूंगा मरना हो तो जाकर मर जाओ। इसके बाद सुधा को फुरसतगंज थाने भेज दिया गया। फुरसतगंज में सुधा ने एक बार एक वाहन को रोका, जिसमें आठ जानवर लदे थे। चालक ने कहा कि वह एसएचओ को पैसा देता है। बाद में एसएचओ के कहने पर सुधा को वाहन छोड़ना पड़ा।

सुधा वर्मा का कहना है कि, ‘हमारा ट्रांसफर कर दिया गया है। हमें ट्रांसफर का कोई दुख नहीं है। हां यह सही ढंग से हुआ होता तो कोई दिक्कत नहीं थी।’ ‘मेरा ट्रांसफर रोक दिया जाए नहीं तो हमें यह नौकरी नहीं करनी है। किसी के कहने पर मेरा ट्रांसफर किया जा रहा है। मैं चमचागिरी करके नौकरी नहीं कर सकती। सम्मान भी मेरे लिए मायने रखता है। रही बात पेट पालने की तो वह मैं कहीं पर भी नौकरी के जरिए कर लूंगी।’ 

एसपी ने कहा ये

एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि स्थानांतरण के लिए स्थापना बोर्ड गठित है। उसके अनुमोदन के उपरांत कई उपनिरीक्षक और हेड कांस्टेबल के स्थानांतरण किए गए हैं। यदि महिला एसआई को उससे कोई आपत्ति थी तो उन्हें व्यक्तिगत मिलकर कहना था। फिलहाल अभी मुझे शिकायत नहीं प्राप्त हुई है। शिकायत प्राप्त होने पर यथोचित कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट - चंदू शर्मा