उत्तर प्रदेश में पुलिस पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बाद इन्हें लेकर आपकी सोच में बदलाव हो सकता है। घटना 26 जुलाई की है जब रोडवेज रेलवे क्रॉसिंग के पास एक गर्भवती को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस के साथ डायल-112 में कॉल की गई। एंबुलेंस तो समय पर नहीं आ सकी लेकिन डायल-112 की पुलिस पांच मिनट में मौके पर पहुंच गई। महिला की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसे अस्पताल ले जाया जा सके। इस पर महिला आरक्षी ने गर्भवती की सास के साथ मिलकर सड़क किनारे महिला की डिलीवरी कराई। बाद में मां-बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दोनों स्वस्थ हैं। 

जलालाबाद क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति की चार बेटियां हैं। उसकी पत्नी गर्भवती हुई और जब प्रसव का समय नजदीक आया तो उसे किसी ने सलाह दी कि अगर स्थान परिवर्तन करा दिया जाए तो बेटा होगा। बेटे की चाहत में 26 जुलाई को चारों बेटियों, सास के साथ गर्भवती महिला पीलीभीत जिले में स्थित अपनी ससुराल जा रही थी। दोपहर लगभग 12 बजे रोडवेज रेलवे क्रॉसिंग के बैरियर को नीचे से पार करते समय महिला को दर्द होने लगा। क्रॉसिंग के आगे सड़क किनारे एक अस्थायी दुकान के अंदर महिला को लिटा दिया गया। अजय कुमार नाम के व्यक्ति ने डायल-112 में सूचना दे दी। पांच मिनट में पीआरवी-1344 मौके पर पहुंच गई। महिला सिपाही बिन्टू पुष्कर और महिला की सास ने मिलकर डिलीवरी कराई। इसके बाद मां और बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। महिला डॉक्टर ने चेकअप के बाद दोनों को सुरक्षित बताया। तब तक महिला के अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। सभी ने पुलिस के संवेदनशील प्रयास की सराहना की। एसपी एस आनंद ने भी महिला सिपाही की तत्परता की तारीफ की।