ग्वालियर । ग्वालियर लोक निर्माण विभाग की डिवीजन नंबर-1 में कार्यपालन यंत्री (ईई) आरके गुप्ता पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप तूल पकड़ते जा रहा है। गुप्ता पर पहले उपयंत्री शिवराज पाठक ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और अब  इन्हीं आरोपों के साथ ठेकेदारों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। पड़ाव स्थित डिवीजन कार्यालय पर ये धरना दिया जा रहा है। ठेकेदारों का आरोप है कि हमारे भुगतान के एवज में 30 से 40 फीसदी कमीशन मांगा जा रहा है। इसलिए गुप्ता को हटाया जाए और उनके कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच की जाए।
गौरतलब है कि सरकारी बंगलों में मेंटेनेंस के काम में कमीशन और फर्जी बिलों के आरोप को लेकर लोक निर्माण विभाग के बंगला सेक्शन में उपयंत्री, कार्यपालन यंत्री और ठेकेदार आमने-सामने आ गए हैं। जुलाई माह में विभाग के उपयंत्री शिवराज पाठक ने प्रमुख अभियंता, भोपाल को अपना इस्तीफा भेजते हुए कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता पर फर्जी बिल पास कराने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। विभाग ने आरोप लगाने वाले पाठक का तो तबादला कर दिया, लेकिन गुप्ता अभी भी जमे हुए हैं।
30 से 40 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप
पाठक के आरोप के बाद से ठेकेदार भी गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजी है कि गुप्ता द्वारा भुगतान करने के लिए 30 से40 प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा है।
सीबीआई-ईओडब्ल्यू से कराएं गुप्ता की जांच
गौरतलब है की उपयंत्री शिवराज पाठक ने आरोप लगाया था कि कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता मुझ पर दबाव बना रहे हैं कि मेरे अनुभाग के तहत सरकारी बंगलों में मेंटेनेंस कार्य के जो भी कार्य आदेश जारी हुए है। उनके ठेकेदारों द्वारा जो भी कार्य किए जाने हैं। वे कार्य न कराए जाकर उनके फर्जी बिल तैयार कर भुगतान के लिए भेजे जाएं। उन्होंने मुझे निर्देश दिए हैं कि इन बिलों के भुगतान में मेरा (गुप्ता का) हिस्सा 40 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए और मैं उन तक ये राशि एडवांस में लेकर पहुंचाऊं। जब मैंने ऐसा करने के लिए कारण पूछा तो गुप्ता ने कहा कि कुछ उपयंत्री ऐसा ही कर रहे हैं और आपको भी ऐसा करना होगा। जब मैंने ऐसा करने से मना कर दिया तो गुप्ता ने मेरे द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों के बिलों को वापस कर दिया और धमकी दी कि मेरे खिलाफ झूठे प्रकरण तैयार कराकर मुझ पर एफआईआर करा देंगे।
अब ठेकेदार धरने पर
अब कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता के खिलाफ ठेकेदारों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। पड़ाव स्थित डिवीजन कार्यालय पर धरना चल रहा है। ठेकेदार अनिल शर्मा ने भुगतान न होने और भुगतान के एवज में कमीशन मांगे जाने का आरोप लगाकर ये धरना शुरू किया है, जिसमें कई ठेकेदार शामिल हो गए हैं। वहीं कार्यपालन यंत्री गुप्ता ने विभाग के मुख्य अभियंता को लंबी छुट्टी भरकर दे दी है। साथ ही इस डिवीजन को छोडऩे के लिए कह दिया है। उनका कहना है कि मैं अब इस डिवीजन में काम नहीं करूंगा। वह कहते हैं कि यह दबाव बनाने का खेल है। शासन से आने वाला आवंटन नियमानुसार किया जाता है उसमें इनकी या इनके ठेकेदार की मनमानी पूरी नहीं हो सकती।