यूपी पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए खास प्लान के मुताबिक सख्त शिकंजा बनाए हुए है। बता दें एसटीएफ कानपुर यूनिट ने कछुओं की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो सदस्यों को शनिवार दोपहर रामादेवी फ्लाईओवर से बाकायदा कंटेनर के साथ गिरफ्तार किया है। कंटेनर में 1300 जिंदा कछुए बरामद हुए जो इटावा से कोलकाता ले जाए जा रहे थे।

गिरफ्त में तश्कर

इटावा से ले जाने के बाद वह वहां से इन कछुओं को बांग्लादेश व म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग और मलेशिया आदि जैसे देशों में सप्लाई किया जाता है। गिरोह में इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, एटा और मैनपुरी के लगभग बीस से भी अधिक लोग शामिल हैं। मामले में एसटीएफ सीओ तेज बहादुर सिंह ने बताया है कि, कंटेनर मालिक विनोद कुमार सविता व चालक रामबेश यादव को गिरफ्तार किया गया है।

सिंदूरी प्रजाती के कछुए

बताते चलें कि, दोनों मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र के सरीफपुर के रहने वाले हैं। कछुओं की तस्करी ये गिरोह पिछले डेढ़ दशक से कर रहा है। जांच में पता चला कि कछुआ दुर्लभ सिंदूरी प्रजाति के हैं जो खासकर चंबल नदी में ही पाए जाते हैं। मैनपुरी के धर्मेंद्र, इटावा के देवेंद्र सिंह उर्फ सीटू, फिरोजाबाद के सिरसागांव के गजेंद्र और औरैया अछल्दा का राजकुमार सरगना के तौर पर गिरोह संचालित कर रहे हैं।

मुंह मांगे मिलते हैं पैसे

इसके अलावा आसपास के छह सात जिलों के बीस से अधिक लोग गिरोह से जुड़े हैं। एक कछुए की कीमत करीब 50 हजार है जिसेआगे 80 हजार से एक लाख रुपये तक में बेचा जाता है।

रिपोर्ट -  हेमंत कुमार दूबे