समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) में अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग (Election Commission) के सिर पर फोड़ा है। राजधानी लखनऊ में आयोजित सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। सपा चीफ ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हर सीट पर यादवों और मुसलामनों के 20-20 हजार वोट हटवा दिए गए। उन्होंने कहा कि पूरी मशीनरी ने मिलकर समाजवादी पार्टी को मिली हुई जीत को भाजपा को दिलवाने का काम किया है।

सपा अधिवेशन के दूसरे दिन गुरुवार को अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग से हमें सबसे अधिक उम्मीद थी। लेकिन बीजेपी और पन्ना प्रभारियों के इशारे पर जानबूझकर हर विधानसभा सीट पर 20 हजार यादव और मुसलमान वोटरों के नाम काट दिए। हमने पहले भी कहा और आज भी कहते हैं कि जांच करके देख लें 20-20 हजार वोट उड़ा दिए गए हैं। कई वोटरों के नाम काट दिए गए। कई लोगों का बूथ चेंज कर दिया गया। वोटरों को इस बूथ से दूसरे बूथ पर पहुंचा दिया गया।

अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार, जनता की बनाई हुई सरकार नहीं है। आज भी आप जब लोगों के बीच सदस्यता अभियान के लिए गए होंगे तो महूसस किया होगा कि लोग खुद ताज्‍जुब कर रहे हैं कि भाजपा की सरकार दोबारा कैसे बन गई। जिस तरह का जनसमर्थन और कार्यकर्ताओं की मेहनत थी, सरकार समाजवादी पार्टी की बन गई थी लेकिन बनी हुई सरकार को पूरी की पूरी मशीनरी ने छीनने का काम किया है। इन्हें पता था कि अगर उत्‍तर प्रदेश में सरकार नहीं बनी तो दिल्ली में भी नहीं बनेगी।

उन्होंने भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिटलर के ज़माने के बारे में जिन्हें जानकारी होगी वे जानते होंगे कि उनकी सरकार में एक प्रोपगंडा मिनिस्टर हुआ करता था। केवल एक प्रोपगंडा मिनिस्टर था लेकिन इधर यदि हम भाजपा का काम देखेंगे तो ऐसा लगता है कि पूरी पार्टी झूठ और प्रोपगंडा के सहारे चल रही है।

अखिलेश यादव कहा कि आज हम मां दुर्गा से यही मांग करें कि सत्ता में जो लोग हैं, वो सच बोलने लगें और याद रखना जिस दिन ये सच बोलेंगे ये राजनीति के धरातल पर पहुंच जाएंगे। इन्हें कोई पूछने वाला नहीं मिलेगा।