जम्मू-कश्मीर | के दौरे पर आए गृहमंत्री अमित शाह ने आज दिल्ली रवाना होने से पहले पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के चालीस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का संमर्पण और सर्वोच्च बलिदान आतंकवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को और दृढ़ करता है। आतंकवाद के खिलाफ डटे सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि आज उनकी बदोलत ही हम सब अपने घरों में चैन की नींद सो पा रहे हैं। देश का हरेक नागरिक जवानों का ऋणि है।

 पुलवामा के कायराना आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के बहादुर जवानों को आज पुलवामा शहीद स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की रक्षा हेतु आपका समर्पण सर्वोच्च बलिदान आतंकवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को और दृढ़ करता है। वीर बलिदानियों को कोटि-कोटि वंदन।  

देश की रक्षा हेतु आपका समर्पण सर्वोच्च बलिदान आतंकवाद के समूल नाश के हमारे संकल्प को और दृढ़ करता है। वीर बलिदानियों को कोटि-कोटि वंदन

गृहमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद स्मारक के पास पौधारोपण भी किया। आपको बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर केे तीन दिवसीय दौरे पर आए हुए थे। उनका यह दौरा सोमवार शाम को समाप्त होना था। दिल्ली रवाना होने से पहले जब वह पुलवामा सीआरपीएफ कैंप में जवानों के बीच पहुंचे तो उन्होंने वापस लौटने का मन बदलते हुए एक रात जवानों के बीच रहने का फैसला लिया। उन्होंने जवानों के साथ बातचीत की, उनकी परेशानियों को सुना और उनके साथ ही रात्रि भोज भी किया।

इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी उनके साथ थे। आज सुबह वह पुलवामा के ही लेथपोरा इलाके में स्थित शहीदी स्मारक पहुंचे। यह स्मारक उन चालीस सीआरपीएफ शहीदों की याद में बनाया गया है, जो पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। गृहमंत्री ने उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका यह बलिदान हमें आतंकवाद के समूल नाश के लिए हमेशा याद दिलाता रहेगा। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद गृहमंत्री वापस श्रीनगर को रवाना हो गए। वहां से वह वापस दिल्ली लौट जाएंगे