अयोध्या. रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से भूख से बेहाल जानवरों और बंदरों (Monkey) की मदद के लिए कुछ समाज सेवी संस्था आगे आई हैं. दरअसल, भूख से बेहाल बंदर उग्र होकर इंसानों पर हमलावर हो रहे थे. जिसके बाद इस खबर को न्यूज18 ने प्रमुखता से दिखाई थी. जिसके बाद श्री रामसेना वसुदेव चेरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने राम जन्मभूमि मुख्य पूजरी आचार्य सतेंद्र दास के सहयोग से भूखे जानवरो व बंदरों को साग, खीरा व टमाटर का भोजन कराया.

बंदर काटने के मरीजों की संख्या में हुई वृद्धि

लॉकडाउन की वजह से अयोध्या में बंदरों सहित अन्य जानवरों पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाने की वजह से वे हिंसक होते जा रहे थे. अयोध्या के श्री राम अस्पताल में प्रतिदिन बंदरों के काटने के नए मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुच रहे हैं. एक अनुमान के मुताबिक 40 से 50 नए मरीजों की संख्या हॉस्पिटल पहुंच रही है. इसका सबसे बड़ा कारण अयोध्या में लॉकडाउन की वजह से श्रद्धालुओं का नही आ पाना है. लोगों में अनाज व पके भोजन की संचय की वजह से एक्स्ट्रा भोजन भी घरों के बाहर नही मिल रहा है. अयोध्या में कई हजार बंदर इन्ही वजहों से भूखे रह रहे हैं. इस खबर को प्रमुखता से दिखाने के बाद आयोध्या के जानवरों के लिए राहत की खबर आई. संत समाज, सामाजिक संगठन व नगर निगम जानवरों व बंदरों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं.

श्री रामसेना के अध्यक्ष पंडित राकेश पांडेय का कहना है कि वह वसुधेव चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से एक कुंटल भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन दोनों समय करेंगे. खीरा, टमाटर, साग से जानवरों व बंदरों का पेट भरा जा रहा है. कुछ समजसेवी रोटी , व चना को भी बांट रहे हैं.