प्रयागराज. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते पूरे देश में लॉकडाउन  (Lockdown) घोषित है. श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अलावा कुछ खास रेलगाड़ियां ही चल रही हैं. इसी बची उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक अच्छी खबर सामने आई है. लॉकडाउन में रेलवे ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए दो महीने के बाद रेलवे के आरक्षण केन्द्रों पर आरक्षित टिकटों की बुकिंग शुक्रवार से शुरु कर दी है. पहले दिन सुबह 10  बजे से रेलवे के आरक्षण केंद्रों पर बुकिंग काउंटर खोले जाने थे. लेकिन करीब 15 मिनट की देरी से प्रयागराज जंक्शन पर पीआरएस सेंटर खोला जा सका. हालांकि सुबह 8 बजे से ही कई यात्री टिकट लेने के लिए स्टेशन पहुंचे गए थे. टिकट काउंटर खुलने पर पहला टिकट लॉकडाउन में तीन माह से फंसे एक व्यक्ति ने बिहार के गया के लिए लिया.

टिकटों की बुकिंग के लिए पीआरएस सेंटर में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी लाइनें खींची गई हैं. ताकि इन लाइनों पर खड़े होकर जब लोग टिकट खरीदें तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सके. जबकि पीआरएस सेंटर के बाहर निश्चित दूरी पर गोले भी बनाये गये हैं. इस दौरान नार्थ सेन्ट्रल रेलवे के प्रयागराज मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित भी मौजूद रहे. उन्होंने आरपीएफ स्टाफ को यहां आने वाले लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का सख्त निर्देश दिया है.

इसके साथ ही कहा गया है कि बगैर मास्क के कोई व्यक्ति टिकट की बुकिंग कराने नहीं जा सकेगा. हालांकि पीआरएस सेंटर में आने वाले लोगों के सेनेटाइजेशन के लिए कोई इंतजाम नजर नहीं आया. गौरतलब है कि एक जून से रेलवे 200 शेड्यूल ट्रेनें चलाने जा रहा है. जिसके के लिए ही आज से टिकटों की बुकिंग रेलवे के आरक्षण केन्द्रों के साथ ही कॉमन सर्विस सेंटरों पर भी शुरु हो गई है. रेलवे की मंशा है कि धीरे-धीरे यात्री सुविधाओ को बढ़ाते हुए सामान्य स्थिति की ओर बढ़ा जायेगा.

दरअसल, कोरोना वायरस के चलते देशभर में 31 मई तक लॉकडाउन है. इसके चलते पिछले दो महीने से देश में अधिकांश कल-कारखाने बंद हैं. ऐसे में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है. बड़ी तादाद में बेरोजगार हुए मजदूर किसी तरह अपने-अपने गांव जाना चाहते हैं. हजारों मजदूर ट्रकों में छिपकर और पैदल ही अपने-अपने गृह राज्य पहुंच गए हैं.