बिहार (Bihar) के सुपौल में अपहरण, यौन शोषण और धर्मांतरण (Conversion) का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी मोहम्मद कलीम (Mohammad Kalim) को गिरफ्तार कर लिया है। पूरा मामला भीमापुरा थाना क्षेत्र के केवला गांव का है। इस मामले में विशेष संप्रदाय के युवक मोहम्मद कलीम ने एक हिंदू महिला का जबरन अपहरण किया। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ महीनों तक यौन शोषण किया और फिर धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद महिला भीमपुर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।

 

महिला के मुताबिक, चापीन वार्ड नंबर 13 निवासी मोहम्मद कलीम ने महिला का अपहरण कर महीनों तक फारबिसगंज में कैद रखा। इस दौरान लगातार महिला का यौन शोषण किया गया। उस पर धर्मांतरण का दबाव डाला गया। इस्लाम कबूलने से इंकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, महिला को जबरदस्ती गोमांस भी खिलाया गया। जानकारी के अनुसार, पीड़िता शादीशुदा और 2 बच्चों की मां है।

 

 

पीड़िता महिला ने बताया कि 30 जून की शाम 7 बजे वो अपने घर से शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान मोहम्मद कलीम ने उसका अपहरण कर आंख-मुंह बांध कर गाड़ी में बैठाकर कहीं ले गया। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। यहां लगातार उनके साथ यौन-शौषण होता रहा। पीड़िता ने मारपीट और धर्मांतरण का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।

 

 

महिला ने बताया कि उसे जबरदस्ती गोमांस भी खिलाया जाता था। पीड़िता के अनुसार, एक महीने से ज्यादा दिनों तक उन्हें एक ही कमरे में बंद रखा गया। इसके बाद उन्हें पता चला कि वो फारबिसगंज के किसी घर में कैद हैं और 4 सितंबर की सुबह उन्हें ट्रेन से कहीं ले जाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने किसी व्यक्ति का मोबाइल मांगकर अपने परिजनों को इसकी सूचना दे दी।

 

 

सूचना मिलते ही परिजन और विश्व हिंदू परिषद छातापुर इकाई के कार्यकर्ता फारबिसगंज पहुंचे और महिला को बचा लिया। इसके बाद आरोपी मोहम्मद कलीम को भी पकड़ कर भीमपुरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस घटना के संबंध में भीमपुरा थानाध्यक्ष सुबोध यादव ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में सुपौल जेल भेज दिया गया है।