लखनऊ। लाकडाउन में प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए कांगेस महामंत्री प्रियंका गांधी वाड्रा बसों की जो सूची उप्र सरकार को सौंपी है, उनमें ट्रक, एंबुलेंस, डीसीएम, थ्री व्हीलर ऑटो जैसे वाहन शामिल हैं। सूची में 70 बसें ऐसी भी हैं, जिनके बारे में सरकारी रिकॉर्ड ही नहीं है।

लखनऊ के आरटीओ आरपी द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कुल वाहनों की सूची में से 31 ऑटो और थ्रीव्हीलर हैं तथा 69 वाहन एंबुलेंस, स्कूल बस, डीसीएम, टाटा मैजिक आदि हैं। उन्होंने बताया कि 70 वाहनों का डाटा ही उपलब्ध नहीं है। 59 वाहनों की फिटनेस वैधता खत्म हो चुकी है और 29 वाहनों का बीमा नहीं है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा. चंद्रमोहन इस मामले में कहते हैं कि एक तरफ कोरोना महामारी के दौरान मजबूर मजदूर दो वक्त की रोटी और अपने घर पहुंचने की आस में रो रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी उन मजदूरों की मदद करने के बजाय अपनी राजनीति चमकाने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन संकट के समय में भी प्रियंका गांधी वाड्रा सियासत करने से बाज नहीं आ रही है।

डा. चंद्रमोहन ने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर एक हजार बसों की चलाने की अनुमति मांगी थी। सरकार ने बिना देर किए अनुमति भी दे दी। सूची मिली तो पता चला कि जिन बसों से प्रियंका गांधी मजदूरों को उनके घर पहुंचाना चाहती थी असल में वो बसें नहीं बल्कि ‘सड़क पर दौड़ती मौत’ साबित होतीं।

उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने जिन बसों की सूची उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी उनमें 79 बसें ऐसी थी जो सिर्फ हादसों को दावत देती। दावत इसलिए क्योंकि वो बसे पूरी तरह कंडम हो चुकी थी। जो कभी भी किसी भी हादसे का गवाह बन जाती। कांग्रेस पार्टी की 297 बसें या तो कंडम हो चुकी थी या फिर जिनका फिटनेस और बीमा समाप्त हो चुका था। मजे की बात तो यह है कि 100 बसों की डिटेल जब खंगाली गई तो उनमे एंबुलेंस, ट्रक, डीसीएम, थ्री व्हीलर ऑटो जैसे वाहन शामिल थे। यानि उनकी गिनती बसों में होती नहीं हैं। और तो और 70 बसों के बारे में सरकारी रिकॉर्ड ही नहीं है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस से सवाल किया है कि क्या इस पार्टी को मजदूरों की जिंदगी से प्यार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह का भद्दा मजाक करके कांग्रेस पार्टी खुद को क्या साबित करना चाहती है और सवाल ये भी है कि अगर बसों को भेजने का इतना ही मन था तो उत्तर प्रदेश से पहले इन बसों को मुंबई भेज देती जहां मजदूरों पर लाठी चार्ज करने जैसी तस्वीरे नजर आ रही थी।

उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा को सलाह दी है कि सत्ता के लालच से थोड़ा दूर हटकर उन हादसों को सोचें और देखें जो ऐसी ही कंडम बसों की वजह होते थे। भाजपा प्रवक्ता का कहना है कि प्रियंका गांधी ने मजदूरों की जान से खिलवाड़ करने का जो माइक्रो प्लान बनाया था योगी सरकार ने उसकी पोल खोल दी।