नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए उपद्रव के चौथे दिन बुधवार को भी शहर में जबरदस्त तनाव और अफवाहों का दौर कायम रहा। मुरादाबाद-अनूपशहर हाईवे को जोड़ने वाले क्वार्सी बाईपास स्थित जीवनगढ़ पुलिया पर पिछले 48 घंटे (सोमवार) से जाम-धरना लगाए बैठी प्रदर्शनकारी महिलाएं नारेबाजी के बीच पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगा रही हैं। 
इसको देखते हुए प्रशासन ने अग्रिम आदेश तक क्वार्सी चौराहे पर बृहस्पतिवार और रविवार को लगने वाली पैंठ न लगाने का आदेश दिया है। वहीं शाहजमाल ईदगाह पर चल रहा धरना भी 30वें दिन जारी रहा। पुरानी चुंगी स्थित एएमयू गेट पर भी धरना जारी रहा। यहां नोकझोंक के बावजूद पुलिस ने शामियाना नहीं लगने दिया। अब शहर में बाजार खुलने लगे है। 

मुस्लिम बहुल बाजार में भी दुकानें खुलना शुरू हो गई हैं। मगर तनाव के चलते रौनक नहीं लौट रही है। शाम को एडीजी आगरा जोन अजय आनंद के नेतृत्व में पुलिस प्रशासनिक टीम ने धर्म गुरुओं के साथ पुराने शहर में शांति सद्भाव मार्च निकाला। वहीं इंटरनेट पर लगी रोक अभी बरकरार है।

रविवार को ऊपरकोट और सोमवार तड़के जमालपुर में हुए उपद्रव के बाद सोमवार दोपहर तीन बजे से जीवनगढ़ पुलिया स्थित बाईपास पर महिलाएं जाम-धरना लगाए बैठी हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है और ऊपर तंबू तक तान दिया गया है। इस दौरान माइक से लगातार कुछ महिलाएं संबोधित करती रहती हैं और नारेबाजी भी होती रही। 

एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शन में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लग रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। इन्हें समझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बुधवार को दो बार शांति समिति की बैठक भी की गई, मगर यह बात निकलकर आई कि स्थानीय लोग इस जाम को हटवाना चाहते हैं, मगर यहां बाहरी आ गए हैं जो हटने नहीं दे रहे। 

एसीएम ने बताया कि इस तरह की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि धरना से चंद दूरी पर क्वार्सी चौराहे पर बृहस्पतिवार-रविवार को लगने वाली पैंठ फिलहाल न लगाने का आदेश दिया गया है। इधर, शाहजमाल पर धरना बुधवार को 30वें दिन जारी रहा। यहां दोपहर में दो युवक पर्चे बांटने आए। इस हरकत पर पुलिस ने उनकी घेराबंदी की तो वह भाग खड़े हुए। बाद में बांटे गए पर्चे जब्त कर लिए गए हैं। पुरानी चुंगी पर धरना जारी है। 

यहां बुधवार को शामियाना लगाने की कोशिश पुलिस द्वारा नाकाम कर दी गई। इधर, पुराने शहर में दिन भर तैरती अफवाहों और जबरदस्त तनाव को कम करने के उद्देश्य से शाम को एडीजी जोन अजय आनंद, डीआईजी रेंज डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीएम-एसएसपी व धर्मगुरुओं के साथ पुलिस बल ने शांति सद्भाव मार्च निकाला। इससे पहले ऊपरकोट कोतवाली में शांति समिति की बैठक हुई। इसके बाद यह मार्च शुरू हुआ। जो पुराने शहर के विभिन्न इलाकों में घूमा। लोगों से अमन व संयम की अपील की गई।