जमुई से सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को मंगलवार को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। इस बैठक में रामविलास पासवान भी मौजूद रहे। चिराग से पहले उनके पिता पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
2014 लोकसभा चुनाव से पहले रामविलास पासवान ने चिराग को लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके पांच साल बाद उनके हाथों में पार्टी की कमान सौंप दी गई है। इस साल लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन में चिराग ने भी अहम भूमिका रही थी।

चिराग को कमान सौंपने के संकेत दिल्ली में रामविलास ने देते हुए कहा था कि हम चाहते हैं कि अगली पीढ़ी अब अपना काम संभाले। फिल्म जगत में नाकाम होने के बाद चिराग ने राजनीति का रुख किया था। 2013 में चिराग पासवान फिल्मी दुनिया छोड़ कर राजनीति में सक्रिय हुए थे।

तब चिराग ने राष्ट्रीय जनता दल और लोजपा गठबंधन के उम्मीदवार भुनाथ सिंह के लिए चुनाव प्रचार किया था। वह रामविलास के इकलौते बेटे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह दोबारा बिहार की जमुई सीट से जीतकर संसद भवन पहुंच हैं। चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रित समता पार्टी के उम्मीदवार भूदेव चौधरी को हराया था।