मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों को मंगलवार को दो बड़ी राहतें दीं। एक तो आम आदमी पर कोरोना काल में दर्ज हुए तीन लाख से ज्यादा मुकदमों की वापसी का आदेश जारी कर दिया दूसरी ओर बेमौसम बरसात और बाढ़ से बर्बाद फसलों का 90 हजार से ज्यादा किसानों को 35 जिलों में मुआवजा देने के लिए 30.54 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।

 

योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कोरोना काल में आम लोगों पर दर्ज लाखों अपराधिक मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया है। इससे संबंधित आदेश न्याय विभाग ने मंगलवार को जारी कर दिया। वर्तमान या पूर्व सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य इस दायरे से बाहर रखे गए हैं।इनके मामले में हाईकोर्ट की अनुमति से ही अलग से विचार किया जाएगा।

कानून मंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि कोविड -19 प्रोटोकाल व लाकडाउन के उल्लंघन में दर्ज मुकदमें वापस लेने के लिए सभी जिला मजिस्ट्रेट से लिखित रूप से कहा गया है। अब अदालत में दर्ज हो चुके ऐसे मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

 

राज्य सरकार ने जारी किए आदेश

राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों से लिखित में कहा गया है कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल और लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के मामलों को वापस लें. इसके बाद अब कोर्ट में दर्ज ऐसे मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. राज्य में ये पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में आम लोगों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जा रहा है.

न्याय विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव द्वितीय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश भर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, महामारी अधिनियम 1897 और आईपीसी की धारा 188 के तहत तीन लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें चार्जशीट दाखिल की गई है. उनकी वापसी की कार्यवाही शुरू की जाए.

 

यूपी सरकार को गृह मंत्रालय ने दी थी सलाह

फिलहाल जो जानकारी सामने आ रही है. उसके मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी थी कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामलों की समीक्षा करें. ताकि आम लोगों को अनावश्यक अदालती कार्यवाही, अदालतों में लंबित आपराधिक मामलों से बचाया जा सके. इस मामले में गृह मंत्रालय को ऐसे आपराधिक मामलों की समीक्षा करने के बाद मुकदमों को वापस लेने पर विचार करने को कहा था।