नई दिल्ली । कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने कर्नाटक में स्पष्ट कर दिया है कि 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी को भी सीएम पद का चेहरा नहीं घोषित किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी से मुलाकात की। 
इस दौरान स्पष्ट कर दिया गया है कि पार्टी 2 साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए किसी को भी सीएम चेहरा घोषित नहीं करेगी। साथ ही दोनों नेताओं को यह भी कहा गया है कि वे एकजुट होकर चुनाव जीतने के लिए काम करें। सन 2023 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने की स्थिति में चिकपेट से विधायक बी जेड ज़मीर अहमद खान और काम्पली से विधायक जेएन गणेश सहित विधायकों और नेताओं का एक वर्ग राज्य के नेतृत्व के लिए खुले तौर पर सिद्धारमैया का समर्थन कर रहा है, जबकि अन्य चाहते हैं कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार इस भूमिका को निभाएं। 
उधर, यह भी पता चला है कि एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी राज्य का दौरा कर यहां पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कर्नाटक में भाजपा बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के पद से हटाने के बारे में सोच रही है। कांग्रेस के सूत्रों का मानना है कि अगर येदियुरप्पा को बाहर का दरवाजा दिखाया गया तो भाजपा में उथल-पुथल पैदा हो सकती है।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि वह आसानी से नहीं जा सकते। विवाद के आसार दिख रहे हैं। जिस पर हमारी कड़ी नजर है। सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों ही पार्टी में वर्चस्व के लिए आमने-सामने हैं। दोनों की नजर मुख्यमंत्री पद पर है। सूत्रों ने कहा राहुल गांधी ने उन्हें एकजुट होकर काम करने और मुख्यमंत्री पद की चिंता नहीं करने को कहा है, क्योंकि चुनाव में अभी दो साल दूर हैं। राहुल ने उनसे कहा कि फोकस चुनाव जीतने पर होना चाहिए। 
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उनसे अपने मतभेदों को दूर करने और पार्टी के कामकाज में छोटी-छोटी अड़चनें नहीं आने देने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों, कांग्रेस नेता की बात से सहमत थे। बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता में सिद्धारमैया ने पार्टी में किसी भी विवाद से इनकार किया। उन्होंने कहा पार्टी का नेतृत्व कौन करने जा रहा है? सभी इस मंच पर बैठे हैं।