दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बुधवार को सरकार की ओर से पक्ष रखा। इस दौरान अमित शाह ने दंगों के सटीक आंकड़े देने से लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस को जहां उन्होंने 84 के दंगे याद दिलाए तो वहीं ओवैसी को हिंसा को धर्म के चश्मे से नहीं देखने की नसीहत दी। जानिए उनके बयान की 10 बड़ी बातें...

  1. होली पर भावनाएं भड़कने की आशंका थी। इसलिए हम होली के बाद चर्चा करना चाहते थे। 
  2. अब तक 700 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। 2647 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है। जांच के लिए एसआईटी की दो टीमें गठित की गई हैं। 
  3. 20 लाख आबादी वाली पूर्वोत्तर दिल्ली में फैले दंगे को फैलने नहीं दिया गया। इसके लिए दिल्ली पुलिस की तारीफ करना चाहूंगा। पूरे समय दिल्ली पुलिस के साथ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ आगरा और डिनर पर भी मैं नहीं गया। 
  4. हिंदू या मुसलमान नहीं बल्कि दिल्ली हिंसा में 52 भारतीयों की मौत हुई है। 526 भारतीय इस हिंसा में घायल हुए हैं। 300 से ज्यादा भारतीयों के घर जलाए गए। मंदिर और मस्जिद दोनों जले हैं, दोनों के लिए दुख व्यक्त करता हूं।
  5. करीब 60 सोशल मीडिया अकाउंट 22 फरवरी को बनाए गए और 26 को ये अकाउंट बंद हो गए। पुलिस इनकी जांच कर रही है। पुलिस की 40 टीमें दोषियों को पकड़ने के लिए बनाई गईं। इसके अलावा हिंसा में इस्तेमाल करीब 50 हथियारों को भी जब्त किया गया। 
  6. यूपी सीमा से लगे इलाकों में करीब 300 लोग उत्तर प्रदेश से हिंसा करने के लिए आए। यह स्पष्ट है कि साजिश के तहत हिंसा की गई। 
  7. चेहरे से पहचान करने वाले खास सॉफ्टवेयर की मदद से हिंसा में शामिल 1100 लोगों की पहचान की गई है। इनमें 300 से ज्यादा लोग यूपी से हैं। ये सॉफ्टवेयर है, जो धर्म या कपड़े नहीं जानता। 
  8. सोनिया गांधी का नाम लिए बिना भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया। साथ ही वारिस पठान पर भी सवाल उठे। 
  9. 1984 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 76 फीसदी दंगे कांग्रेस के शासनकाल में हुए हैं। 
  10. दिल्ली हिंसा के पीछे सीएए विरोधी प्रदर्शनों की भी भूमिका रही। इस हिंसा में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।