यूपी की राजधानी लखनऊ के ज़हरीली शराब कांड मामले में पुलिस कमिश्नर को अपनी पद से हाथ धोना पड़ा। योगी सरकार ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय को उनके पद से हटा दिया है. अब सुजीत पांडे की जगह डीके ठाकुर को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। डीके ठाकुर रात में पद संभालते ही सुबह लखनऊ विश्वविद्यालय में होने वाले शताब्दी समारोह का जायजा लेने पहुंचे।

कमिश्नरी में पुलिस के पास ज़्यादा पावर  

बतादें कि डीके ठाकुर 10 साल पहले बसपा सरकार में भी लखनऊ पुलिस की कमान संभाल चुके हैं। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने एक मीडिया चैनल को दिए खास इंटरव्यू में बताया कि पिछली बार के 17 महीने के अनुभव का लाभ मिलेगा, लेकिन अब कमिश्नरी में पुलिस के पास ज़्यादा पावर है, तो ज़िम्मेदारी भी ज़्यादा है। ऐसे में पुलिस की ज़िम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिसिंग बेहतर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब लखनऊ में काम करने के लिए पुलिस फोर्स और अफसर दोनों ही हैं। बस जरूरत है सरकार के दिए संसाधनों के सही उपयोग करने कि। 

हाल ही में हुए शराब कांड पर भी नए पुलिस कमिश्नर ने साफ़ कहा कि किसी भी अवैध धंधे में खाकी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जायेगी, शराब कांड की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। बता दें कि 13 नवंबर को लखनऊ के बंथरा इलाके में ज़हरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। शराब के सेवन से कई लोग बीमार भी हुए थे। 

रिपोर्ट - संतोष मिश्र