नई दिल्ली । त्योहारी सीजन में बाजारों में बढ़ती भीड़ और कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों की अनदेखी ने देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। बीते एक हफ्ते में जिन-जिन जगहों पर भीड़ इकट्ठा हुई और कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ वहां संक्रमण बढ़ने लगा है। ऐसे में तीसरी लहर की आशंका और मजबूत हो रही है। पूर्वोत्तर और केरल के बाद अब पश्चिम बंगाल, असम और हिमाचल प्रदेश में संक्रमण का असर दिख रहा है। अगले कुछ महीनों के भीतर देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनाव हैं। यूपी में तो राजनीतिक कार्यक्रम भी शुरू हो गए हैं हालांकि अभी तक इसका असर राज्य में दिखा नहीं है। इससे पहले भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम इन्साकॉग ने चेताया है कि वायरस में कोई नया म्यूटेशन नहीं हुआ है, लेकिन जिस डेल्टा वैरिएंट के चलते दूसरी लहर आई थी, वह अभी कहीं गई नहीं है। जीनोम सीक्वेंसिंग के आधार पर वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हर कोई अब पहले की तरह भीड़ में शामिल है। बीते 55 दिनों में डेल्टा वेरिएंट के केस दोगुने हो चुके हैं और 11 गुना ज्यादा मामले डेल्टा प्लस वेरिएंट के पाए जा रहे हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दावा किया गया है कि 30 अगस्त तक देश में डेल्टा वैरिएंट के 15 हजार सैंपल पाए गए लेकिन 11 अक्टूबर तक इनकी संख्या बढ़कर 26,043 हो गई। वहीं डेल्टा वन और कप्पा वैरिएंट के मामले भी बढ़कर 5,449 हो चुके हैं। दूसरी ओर डेल्टा वैरिएंट के ही एवाई सीरीज के सैंपल्स 393 से बढ़कर 4737 तक हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के नए म्यूटेंट एवाई .4 के 7 मामले में मध्य प्रदेश स्थित इंदौर में पाए गए हैं। इन मामलों की कम संख्या होने के बावजूद इन पर निगरानी जारी है। गौरतलब है कि रविवार को ही भारत में एक दिन में कोविड-19 के 15,906 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,41,75,468 पर पहुंच गई जबकि 561 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 4,54,269 पर पहुंची। उधर पश्चिम बंगाल में 974 नए मामले सामने आए तो वहीं 12 की मौत हो गई। साथ ही असम में तीन दिन के भीतर 300 से अधिक मामले आए। बीते हफ्ते दुर्गा पूजा, दशहरा के बाद ही बंगाल, असम और हिमाचल में संक्रमण बढ़ रहा है।