कुशीनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवती की जिद के आगे आखिर में प्रेमी और परिजनों को झुकना पड़ा। युवती शादी के लिए थाने में अड़ी रही। उसके बाद पितृपक्ष की परवाह किए बिना थाना परिसर में ही स्थित मंदिर में दोनों की शादी कराई गई।



जानकारी के अनुसार, नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कौआसार गांव के इंद्रासन टोला निवासी रंजना कुशवाहा और मनीष कुशवाहा का विगत दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस प्रेम प्रसंग की भनक परिजनों को लगी तो प्रेमी युगल साथ जीने-मरने के इरादे से घर छोड़कर फरार हो गए। गोरखपुर पहुंचने के बाद प्रेमी, प्रेमिका को छोड़ कहीं और फरार हो गया। जिस पर बिफरी प्रेमिका सीधे नेबुआ नौरंगिया थाने पहुंची और प्रेमी के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।



वह प्रेमी से विवाह कराने की जिद कर थाने में ही बैठ गई। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने प्रेमी के परिजनों पर दबाव बनाकर प्रेमी को थाने आने पर विवश किया। युवक के थाने आने के बाद दोनों पक्षों के लोग युवती को समझाने की कोशिश किए, लेकिन युवती की जिद के आगे सब बेकार साबित हुआ। 



दो दिनों तक चली पंचायत के बाद थक हारकर दोनों के परिजनों ने शादी की बात पर सहमति जताई और थाना परिसर में स्थित मंदिर में शनिवार की रात दोनों की शादी हुई। इसके बाद प्रेमी के साथ प्रेमिका की विदाई हुई।