भोपाल। कई बार ऐसा अवसर आता है, जब मां अपने बच्चों से कहती है कि मेरे दूध की लाज रखना। मेरे मन का संकल्प यही है कि मैं अपनी राजनीतिक मां, अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के दूध की लाज रखने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। पार्टी ने मुझे जो दायित्व दिया है, उसका ईमानदारी और निष्ठापूर्वक निर्वाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। यह बात शिवराजसिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने पर पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए कही। इससे पूर्व शिवराजसिंह चौहान को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने रखा और पार्टी विधायकों में डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपीलाल जाटव, विजय शाह, श्रीमती मीना सिंह, केदारनाथ शुक्ला, पारस जैन सहित उपस्थित विधायकों हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके उपरांत पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा विधायक दल चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया। केंद्रीय पर्यवेक्षक और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने शिवराजसिंह चौहान को विधायक दल का नेता घोषित किया। इस अवसर पर विधायक दल के नेता शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मंचासीन थे। मंच का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक इंजी. प्रदीप लारिया एवं आभार प्रदेश मंत्री बृजेन्द्रप्रताप सिंह ने माना।


- प्रदेश को तबाही से निकाल जनकल्याण का इतिहास रचेंगे
उपस्थित विधायकों को संबोधित करते हुए शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मैं कई सालों से पार्टी का एक सामान्य कार्यकता रहा हूं। ये इसी पार्टी में होता है कि बिना किसी राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि के एक साधारण कार्यकर्ता को भी नेतृत्व करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि मैं मुझ पर विश्वास प्रकट करने के लिये हमारे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी जी, गृहमंत्री अमित शाह जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा जी, पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों और सभी कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करता हूं। श्री चौहान ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे। हम जानते हैं पिछली सरकार पूरे प्रदेश को तबाह करके गई है। लेकिन अब हम शासन की शैली में बदलाव करेंगे और हमारे फैसले तथा हमारा काम बोलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता, विधायक और सभी लोग मिलकर एक परिवार की तरह काम करेंगे और पिछली सरकार ने जो तबाही की है, उससे निकालकर प्रदेश को विकास की दिशा में ले जाएंगे, जनकल्याण का इतिहास रचेंगे। उन्होंने कहा कि आज मैं यह वचन देना चाहता हूं कि जान भले ही चली जाए, जो विश्वास पार्टी ने, आप लोगों ने जताया है, इस विश्वास को कभी टूटने नहीं दूंगा। आइये, एक नई शुरुआत करें।


- सबसे बड़ी चुनौती कोरोना वायरस, इसे खत्म करके ही चैन की सांस लेंगे
श्री चौहान ने कहा कि आज समय उत्सव मनाने का नहीं है, परिस्थितियां इसकी इजाजत नहीं देतीं। आज सबसे बड़ी चुनोती कोरोना वायरस की है और ये समय तत्काल काम में जुटने का समय है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि कोई उत्सव न मनाएं, घरों से निकलें। श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट के प्रति हमारे प्रधानमंत्री जी ने जो तड़प दिखाई है, हमें उन भावनाओं से जुड़ना है। इस संकट का मुकाबला करने के लिए संपर्क की श्रृंखला को तोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस संकट का मुकाबला करने के लिए मैं शपथग्रहण के बाद सीधे अपने कार्यालय पहुंच रहा हूं। इसके बाद हम सब अपने-अपने क्षेत्र की जनता को जागरूक करने का काम करेंगे और इस महामारी को समाप्त करके ही चैन की सांस लेंगे।


- सब मिलकर समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करेंगेः विष्णुदत्त शर्मा
पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक दल का चुनाव संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने में अपना योगदान देने वाले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराजसिंह चौहान को विधायक दल के नेता के रूप में चुनकर केन्द्रीय नेतृत्व एवं विधायक दल ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि अब हम सब मिलकर समाज की अंतिम पंक्ति में मौजूद अंतिम व्यक्ति की चिंता करेंगे।  


- त्रस्त जनता पूछती थी-कब आएगी भाजपा की सरकारः गोपाल भार्गव
बैठक में उपस्थित विधायकों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी कांग्रेसी सरकार ने हमारे कार्यकर्ताओं, विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ बदले की भावना से काम किया। प्रदेश में भ्रष्टाचार, तबादले सहित अनेकों ऐसे जनविरोधी कार्य हुए जिसको प्रदेश की जनता ने देखा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जब प्रदेश की जनसभाओं में पहुंचते थे, वहां यही चर्चाएं होती थीं कि भाजपा सरकार कब आयेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के रवैये को देखते हुए ही मैंने विगत डेढ वर्षों में वल्लभ भवन में पैर नहीं रखा। लेकिन अब वो सरकार विदा हो गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र संकल्प जनता की सेवा करना है और अब यही हमारा उद्देश्य होगा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में विपरीत परिस्थितियों में विधायकों द्वारा किये सहयोग के लिये, साथ देने के लिये उन्हें धन्यवाद दिया।