वास्तु शास्त्र में चांदी को एक शुभ धातु माना गया है। कहा जाता है कि घर में चांदी की वस्तुओं को रखने से वहां रह रहे लोगों के जीवन में से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है इसीलिए वास्तु शास्त्र में बहुत सी चंदू की वस्तुओं को घर में रखने की हिदायत दी जाती है इन्हीं में से एक है चांदी का मोर। धार्मिक शास्त्रों में भी मोर यानि मयूर को देवताओं का प्रिय बताया गया है। भगवान श्री गणेश, मां सरस्वती, भगवान श्रीकृष्ण व कार्तिकेय से संबंधित चित्रों में भी मोर को देखा जाता है कि आज हम आपको वास्तु के अनुसार घर में चांदी का मोर रखने से क्या लाभ होते हैं इसी से जुड़ी जानकारी देने वाले हैं तो आइए जानते हैं इससे संबंधित जानकारी।

वास्तु के अनुसार घर में नाचता हुआ मोर रखने से वहां रह रहे लोगों के जीवन में से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।


जिन लोगों के शादीशुदा जीवन में किसी प्रकार की समस्या हो उन्हें अपने घर में चांदी के मोर का जोड़ा रखना चाहिए। कहा जाता है कि इससे जीवन में प्रेम और शांति आती है।


जिस चांदी की सिंदूर डिबिया में चांदी का मोर बना होता है तो उसे अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।


घर की बैठक में चांदी का मोर सफलता का प्रतीक होता है।


तो वही घर के पूजा स्थल में शांत बैठा हुआ चांदी का मोर रखने से पूजा का पुण्य फल दोगुना हो जाता है और घर में खुशहाली बढ़ती है।


जिन लोगों की शादी में दिक्कत हो रही हो या प्रेम विवाह करना चाहते हो उन्हें अपने कमरे में चांदी का मोर रखना चाहिए इससे प्रेम और विवाह के प्रति रुझान बढ़ता है।
वास्तु के अनुसार किसी भी पूर्णिमा के दिन चांदी का मोर घर लाकर तिजोरी में रखने से किस्मत चमकती है।