लखनऊ/मुंबई. उत्तर भारत के पहले लखनऊ नगर निगम (LMC) के बॉन्ड की बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टिंग हो गई. इसी के साथ अब आम लोग भी एलएमसी के इस बॉन्ड में ट्रेडिंग कर सकेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath), दो कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व आशुतोष टंडन, लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया, एसीएस होम अवनीश अवस्थी समेत अन्य अधिकारीयों की उपस्थिति में लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड को लांच किया गया. इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक पल है.

 

सीएम बोले नए युग की शुरुआत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ के बाद गाजियाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन के बॉन्ड को सरकार लेकर आएगी. उसके बाद कानपुर और वाराणसी नगर निगम के बॉन्ड को भी लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश में 1997 में नगर निकायों को म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी, लेकिन उत्तर भारत में लखनऊ नगर निगम पहला नगर निगम है, जिसके लिए म्युनिसिपल बॉन्ड जारी हुए हैं.अगर उत्तर प्रदेश की राजधानी, लखनऊ म्युनिसिपल बॉन्ड प्रक्रिया के साथ जुड़ रही है, तो स्वाभाविक रूप से अन्य नगर निकायों को भी इससे प्रेरणा प्राप्त होगी. मैं उत्तर प्रदेश में नगर निकायों की दृष्टि से इसे एक नए युग की शुरुआत मानता हूं.लखनऊ नगर निगम उत्तर भारत का पहला म्युनिसिपल कॉरपोरेशन है जिसने इस तरह का बॉन्ड जारी किया है. 13 नवंबर को जारी हुए इस बॉन्ड से लखनऊ नगर निगम ने अब तक 200 करोड़ रुपए जुटाए हैं. इस म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए राजधानी लखनऊ के कायाकल्प की तैयारी है.


यूपी का यह पहला म्युनिसिपल बॉन्ड

मुख्यमंत्री के साथ मुंबई पहुंचे नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि बॉन्ड लाने के लिए केंद्र सरकार लखनऊ नगर निगम 26 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी. उन्होंने बताया कि यूपी का यह पहला म्युनिसिपल बॉन्ड 225 फीसदी से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है. अब बीएसई में लिस्टिंग के बाद यह ट्रेडिंग के लिए भी उपलब्ध है. नगर विकास मंत्री ने बताया कि बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई धनराशि को राज्य की राजधानी में विभिन्न बुनियादी ढांचागत योजनाओं में निवेश किया जाएगा. नवंबर के शुरुआती हफ्ते में लखनऊ नगर निगम ने बीएसई बॉन्ड मंच के माध्यम से नगरपालिका बॉन्ड जारी करके 200 करोड़ रुपये जुटाए हैं.

10 साल में मेच्यौर होगा बॉन्ड
गौरतलब है कि लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड पर निवेशकों को 8.5 फीसदी वार्षिक ब्याज मिलेगा और इसकी परिपक्वता अवधि 10 साल है. उम्मीद है कि इस बॉन्ड की सफल लॉन्चिंग से लखनऊ नगर निगम की तस्वीर बदलेगी और उसे देश-विदेश से निवेश जुटाने में मदद भी मिलेगी. इसके साथ ही सरकार अन्य जिलों के नगर निगम के बॉन्ड भी जल्द जारी होंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि स्टॉक एक्सचेंज में म्युनिसिपल बॉण्ड के सूचीबद्ध हो जाने से जनता को बुनियादी सुविधाएं देने के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी.