उत्तर प्रदेश के मेरठ से खबर है जहां पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। नेत्रहीन को चश्मदीद गवाह बनाकर उसके बयान दर्ज करा दिए। आरोपी पक्ष ने आपत्ति जताई और अधिकारियों से शिकायत की तो मामला प्रकाश में आया।  

जानिए पूरा मामला 

आपको बता दें कि, श्यामनगर निवासी मीट कारोबारी हाजी आस मोहम्मद ने पुलिसिया लापरवाही की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि मीट कारोबार का झांसा देकर उनके रिश्तेदार हाजी अंसार और अनवार ने साढ़े पांच करोड़ रुपए लिए थे। काम नहीं होने पर उन्होंने रकम वापस मांगी। आस मोहम्मद के मुताबिक, 26 नवंबर की शाम हाजी अनवार ने फैसला करने के बहाने से उन्हें बुलाया। इसके बाद हाजी अंसार और अनवार ने कातिलाना हमले और अपहरण के प्रयास का आरोप लगाकर उनके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। 

नेत्रहीन को बना दिया चश्मदीद गवाह

इस पर पुलिस ने हाजी आस मोहम्मद सहित तीन को नामजद किया। इस मामले में आस मोहम्मद पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब्बास नाम के दृष्टिबाधित व्यक्ति को चश्मदीद बताते हुए लिखापढ़ी कर दी। इसके बाद, उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। पीड़ित का शपथ पत्र, वीडियो रिकार्डिंग और नेत्रहीन होने का प्रमाण पत्र पुलिस अधिकारियों को दिए। सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। छानबीन की जा रही है। तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी।