नई दिल्ली । सीपीआई (एम) के बाद लेफ्ट गठबंधन की सहयोगी पार्टी सीपीआई ने भी ऐसी किसी भी पार्टी को समर्थन की बात कही है जो बीजेपी को हरा सकती है। पश्चिम बंगाल में पार्टी एक वरिष्ठ नेता ने यह बात कही। सीपीआई का रुख पश्चिम बंगाल लेफ्ट फ्रंट के चेयरमैन और सीपीआई (एम) पोलितब्यूरो सदस्य बिमान बोस की उस घोषणा के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी से लड़ने के लिए पार्टी तृणमूल कांग्रेस से हाथ मिलाने को तैयार है। सीपीआई के राज्य सचिव स्वपन बनर्जी ने कहा, ''हमारा केंद्रीय और राज्य नेतृत्व ने पिछले पार्टी सम्मेलन में कहा था कि सीपीआई किसी भी ऐसी पार्टी या गठबंधन को समर्थन देगी जो बीजेपी को मुख्य खतरा मानते हुए इसे हटाना चाहती है। यह कोई मुद्दा नहीं है, यदि हमें इसके लिए कांग्रेस या टीएमसी जैसी किसी क्षेत्रीय पार्टी से हाथ मिलाना पड़े।'' बनर्जी ने कहा, ''पार्टी की चुनावी समीक्षा बैठक के दौरान भी सीपीआई राज्य ईकाई ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ लड़ने के लिए टीएमसी से हाथ मिलाने में संकोच नहीं किया जाएगा। बनर्जी ने कहा, लेकिन टीएमसी से राष्ट्रीय स्तर पर हाथ मिलाने का यह मतलब नहीं हम राज्य स्तर पर अपनी लड़ाई बंद कर देंगे। लेकिन हमें यह स्वीकार करना होगा कि देश को इस समय सबसे ज्यादा खतरा बीजेपी से है।'' गौरतलब है कि सीपीआई (एम) की अगुआई में लेफ्ट फ्रंट, कांग्रेस और नवगठित इंडियन सेक्युलर फ्रंट ने बंगाल विधानसभा चुनाव में गठबंधन करते हुए ऐलान किया था कि टीएमसी और बीजेपी दोनों उनके सैद्धांतिक दुश्मन हैं। हालांकि, आजादी के बाद पहली बार लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस का विधानसभा में खाता भी नहीं खुला तो आईएसएफ को केवल एक सीट मिली। आईएसएफ से गठबंधन को लेकर बाद में लेफ्ट फ्रंट में दरार भी दिखी और सीपीआई, फॉर्वर्ड ब्लॉक, आरएसपी ने सीपीआई (एम) के फैसले को गलत बताया।