उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) जिले में डोसा बेचने वाले एक दुकानदार ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय लोगों ने उनकी दुकान पर तोड़फोड़ की है। इस मामले को लेकर मथुरा के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर के मुताबिक, डोसे की ये स्टॉल (Dosa Stall) एक मुसलमान चलाता है। उसने अपनी दुकान का नाम श्रीनाथ रखा था। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि उसने मुसलमान होने के बावजूद अपनी दुकान का नाम हिंदू (Hindu Name) के नाम पर क्यों रखा।

इस मामले को लेकर तोड़फोड़ और हंगामे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एफआईआर के अनुसार, 18 अगस्त को कुछ लोग इरफान के स्टॉल पर पहुंचे और पूछा कि उसने स्टॉल का नाम श्रीनाथ क्यों रखा है? इसके बाद लोगों ने उसके स्टॉल पर लगा बैनर फाड़कर हटा दिया। साथ ही इरफान को मथुरा के विकास मार्केट से दुकान हटाने की भी चेतावनी दे डाली।

वहीं, स्टॉल के मजदूरों ने कहा कि ये दुकान राहुल नाम के एक स्थानीय निवासी का है। इसे चलाने के लिए वह इरफान को रोजाना 400 रुपए देता है। स्टॉल चलाने वाले इरफान ने मीडिया को बताया कि हम इसे पिछले 5 सालों से चला रहे हैं। नाम को लेकर कभी कोई समस्या नहीं हुई। हमने सोचा भी नहीं था कि कोई समस्या हो सकती है। उस दिन कुछ लोगों ने आकर बैनर फाड़ दिए और कहा कि मुस्लिम लोग हिंदू नाम से दुकान नहीं चला सकते। ऐसा लग रहा था कि उन्हें नाम के साथ कोई समस्या है।

सोशल मीडिया वायरल हुए इस घटना के वीडियो में कुछ लोगों को डोसा-विक्रेता को कथित तौर पर परेशान करते देखा जा सकता है। आरोपी को कथित तौर पर इरफान से ये कहते सुना जा सकता है कि हिंदू खाने आएंगे क्योंकि स्टॉल का नाम श्रीनाथ है। इस वीडियो को भीड़ का नेतृत्व कर रहे देवराज पंडित ने फेसबुक पर पोस्ट किया। उन्होंने दुकानदार पर आर्थिक जिहाद का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इरफान जैसे लोगों के कारण हिंदुओं को रोजगार नहीं मिलता है। पंडित ने अपने फेसबुक फॉलोअर्स से ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ विद्रोह करने की अपील की। खास बात तो ये है कि पंडित पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती के भक्त के रूप में जाने जाते हैं।