दुनिया की महानतम सेनाओ में से एक भारतीय सेना का पराक्रम और शौर्य पूरे विश्व में विख्यात है। हमेशा दुश्मनो को धूल चटाने वाली हिन्द की सेना पर पूरे भारत को ग़र्कव है। अपने प्राणो की आहुति देने वाले हिन्द के जवानो से दुनिया की कोई ताक़त बड़ी नहीं है। 

लेकिन सेना की 'पवित्र' वर्दी के पीछे एक मोहम्मद सज्जाद नाम के 'दानव' को अभी हाल ही में गुजरात एटीएस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। दरअसल, जम्मू कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले और BSF में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात मोह्हमद सज्जाद पर भारतीय सेना की गुप्त सूचना पाकिस्तान के साथ साझा करने का आरोप लगा हुआ है।  



46 दिन पकिस्तान में रह कर आया है सज्जाद 

मिली जानकारी के अनुसार बीएसएफ जॉइन करने से पहले सज्‍जाद पाकिस्‍तान गया था और वहां पर 46 दिन रहा था। इसके बाद उसने भारत आकर  बीएसएफ जॉइन की। इसके बाद वह वॉट्सऐप के जरिए वह संवेदनशील जानकारियां पाकिस्‍तान भेजने लगा। बताया जा रह है कि वह 1 दिसंबर, 2011 से लेकर 16 जनवरी, 2012 तक पाकिस्तान में रहा, और जासूसी के गुर सीखे। 

जानकारी के बदले मिलते थे पैसे 

वह 2012 में कांस्टेबल के तौर पर बीएसएफ में शामिल हुआ था। एटीएस ने कहा कि जानकारी देने के बदले उसे पैसे मिलते थे, जो उसके भाई वाजिद और सहयोगी इकबाल राशिद के खातों में जमा होती थी। सज्जाद ने अपना पासपोर्ट जम्मू के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से बनवाया था।



जानकारी मिलने पर गुजरात ATS ने धर-दबोचा 

जरात आतंकवाद निरोधक दस्‍ते को इस जवान को लेकर गुप्‍त सुचना मिली। जिसके बाद एटीएस की टीम ने उसे भुज पहुंचकर गिरफ्तार कर लिया। मोहम्‍मद इम्तियाज बीएसएफ में कांस्‍टेबल के पद पर तैनात था तथा उस पर भारतीय सेना की गुप्‍त सूचना फोन पर पाकिस्‍तान को देने का आरोप है। एटीएस उसे अपने मुख्‍यालय पर लेकर आई है तथा पूछताछ जारी है।

जांच में मिला एक गुप्त सिम कार्ड 

मोहम्मद सज्जाद को गिरफ्तार करने के बाद जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास एक अतिरिक्त सिमकार्ड भी प्राप्त हुआ।  इस नंबर से व्हाट्सएप अकाउंट भी बनाया गया था। बताया जा रहा है कि इस सिमकार्ड का इस्तेमाल वह पाकिस्तान तक खुफिया जानकारी पहुंचाने के लिए करता था। संदिग्ध मोबाइल नंबर अभी भी एक्टिवेट है और इसका इस्तेमाल पाकिस्तान में किया