फ्रांस (France) में मोहम्मद कार्टून मामले पर अब भारतीय मुसलमान कूद पड़े हैं. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) ने मुसलमानों से फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की है. बोर्ड ने साफ किया कि पैग़म्बर के सम्मान की रक्षा करना हमारा दीनी एवं ईमानी कर्तव्य है. उनकी शान में गुस्ताखी बर्दास्त नहीं कि जाएगी.

मोहम्मद हमारे बच्चों की जिंदगी से ज्यादा अजीज हैं... 

इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव व सोशल मीडिया डेस्क के प्रभारी मौलाना मुहम्मद उमरैन महफूज़ रहमानी ने कहा कि अल्लाह के रसूल मोहम्मद सल्ल. हमारे बच्चों, माता-पिता और हमारी जिंदगी से भी ज्यादा अजीज हैं. उनके पाकीजा किरदार के बारे में किसी भी प्रकार के अपशब्द असहनीय हैं.

फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करें मुसलमान

मुहम्‍मद उमरैन ने कहा कि आए दिन पैग़म्बर के बारे में अशोभनीय टिप्पणियों की घटनाएं सामने आ रही हैं. इससे पहले फ्रांसीसी पत्रिका शार्ली अब्‍दो ने वर्ष 2006 और 2013 में पैग़म्बर के बारे में कार्टून प्रकाशित कर अपमान किया था. उन्होंने कहा कि हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इस्लाम और मुस्लिमों के ख़िलाफ भाषण दिया और फ्रांस के विभिन्न भवनों पर ईशनिंदा के निशान लगाए गए. उन्होंने कहा कि ये किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपना विरोध दर्ज कराने के लिये फ्रांस के सामान का बहिष्कार करने की अपील की.

रबी उल अव्वल का महीना चल रहा

मौलाना रहमानी ने कहा कि रबी उल अव्वल का महीना चल रहा है. यह महीना सरवर ए कायनात मोहम्मद साहब से संबंधित है, क्‍योंकि इसी महीने में आप सल्ल. पैदा हुए और आपकी मृत्यु भी हुयी. मौलाना ने कहा कि इस संबंध में पवित्र पैग़म्बर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और सीरत-ए-तय्यबा यानि उनकी जिंदगी को लोकप्रिय बनाने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सोशल मीडिया डेस्क ट्विटर पर एक ट्रेंड रख रहा है. उन्होंने कहा कि यह क़दम निन्दात्मक रेखाचित्रों और कार्यों के लिए एक सकारात्मक प्रतिक्रिया होगी.

बता दें कि बीते दिन फ्रांस के नीस शहर की एक चर्च में आतंकी हमला हुआ है. यहां एक हमलावर ने अल्लाह हू अकबर का नारा लगाते हुए तीन लोगों को मौत के घट उतार दिया. इस वारदात में एक महिला का सिर आईएसआईएस की तर्ज पर धड़ से अलग कर दिया गया. यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब कुछ समय पहले ही फ्रांसीसी टीचर की पैगंबर का कार्टून द‍िखाने पर हत्‍या कर दी गई थी. 

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे इस्लामी आतंकवादी हमला बताया था. शिक्षक का सर काटने वाले हमलावर को गिरफ्तार करने की कोशिश में पुलिस ने उसे गोली मार दी थी. पुलिस की गोली लगने से हमलावर की मौत हो गई थी. पुलिस के एक सूत्र ने बताया था कि जिस तरह अक्सर जिहादी हमलों में अल्लाहू अकबर की चीख सुनाई पड़ती है, उसी तरह जब पुलिस इस हमलावर को पकड़ने के लिए आगे बढ़ी तब वह भी अल्लाहू अकबर चिल्लाया था.