ड्रग्स मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ़्तारी और उनके जेल जाने के बाद से ही महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री व NCP नेता नवाब मलिक NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं। नवाब मलिक ने ये तक भविष्यवाणी कर दी है कि समीर वानखेड़े की नौकरी एक साल के भीतर चली जाएगी। साथ ही उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी है।



अब समीर वानखेड़े ने ‘दैनिक भास्कर’ को दिए गए इंटरव्यू में उन्हें जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें वर्दी भारत के राष्ट्रपति से मिली है और अगर इसे उतरवाना किसी के बस की बात है तो वो उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने ड्रग्स को सबसे ज्यादा फायदा देने वाला अवैध व्यापार बताते हुए कहा कि इसे हवाई मार्ग, जहाज, रेलवे और सड़क मार्ग से देश में लाया जा रहा है और NCB इसे रोकने की पूरी कोशिश कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है।

दुबई और मालदीव्स जाकर फिरौती लेने के आरोपों पर समीर वानखेड़े ने कहा कि वो कभी दुबई गए ही नहीं। बकौल NCB जोनल डायरेक्टर, वो वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर परिवार के साथ मालदीव गए ज़रूर थे, लेकिन खुद के पैसों से। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में उनके विदेश जाने की बात जो कही जा रही है, ये सही नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले सोचते हैं कि अधिकारी है तो भ्रष्ट ही होगा।



अदालत में मामले होने के कारण उन्होंने आर्यन खान ड्रग्स केस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और कहा कि जाँच आगे कहाँ तक जाएगी, इस सम्बन्ध में कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि उन्हें देश के लिए काम करने के लिए ही वेतन मिलता है। खुद को ‘सामान्य नौकर’ बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी के कह देने से राष्ट्रपति की दी वर्दी नहीं जा सकती है।

नवाब मलिक को उन्होंने वरिष्ठ और बड़ा नेता बताते हुए पूछा कि क्या ड्रग्स के विरुद्ध सफाई अभियान चलाने के कारण उनकी वर्दी उतारी जाएगी? उन्होंने कहा कि वो अपना काम कर रहे हैं और जो टास्क मिला है, उसे पूरा कर रहे हैं। उन्होंने अपने और अपने परिवार पर व्यक्तिगत आक्षेपों का विरोध करते हुए कहा कि खुन्नस निकालने के लिए ऐसा किया जा रहा है और अपने करियर में वो ऐसा पहली बार देख रहे हैं।

 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। शिवसेना सुप्रीमो के इस बयान पर वानखेड़े ने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद संवैधानिक होता है, इसीलिए वो टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि वो शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वो किसी के इशारे पर नहीं, बल्कि कानून व संविधान के हिसाब से काम कर रहे।



बॉलीवुड को टारगेट किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा, “हमारी कार्रवाई की सूची देखने पर आपको मिलेगा कि तो 2 या 3 कार्रवाई ही बॉलीवुड से जुड़े लोगों पर हुई है। इसके बाद अगर आप ये कहेंगे सिर्फ बॉलीवुड को निशाना बनाया जा रहा है तो यह गलत है। बॉलीवुड के विरुद्ध कार्रवाई के बाद मुझ पर आरोप लगने लगे, लेकिन उससे पहले किसी ने मुझसे नाइजीरियन पैडलर, ड्रग माफिया, दाऊद के भाई के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में कभी नहीं पूछा।”

बता दें कि नवाब मलिक ने ट्विटर पर एक डॉक्यूमेंट शेयर करते हुए लिखा था, “यहाँ से शुरू हुआ समीर दाऊद वानखेड़े का फर्जीवाड़ा।” समीर वानखेड़े ने इस तरह उनके डाक्यूमेंट्स को सोशल मीडिया पर शेयर करने को मानहानिजनक और प्राइवेसी में हस्तक्षेप करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता एक हिन्दू थे और माँ मुस्लिम, ऐसे में वो एक बहुधार्मिक सेक्युलर परिवार से हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री के लगातार हमले से वो और उनका परिवार दबाव महसूस कर रहा है।

उधर NCB ने समीर वानखेड़े के खिलाफ जाँच का आदेश दिया है। 25 करोड़ रुपए के घूस के एक आरोप को लेकर ये जाँच होगी। NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह इस जाँच की निगरानी करेंगे। समीर वानखेड़े अपने पद पर बने रहेंगे या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब देना जल्दबाजी होगी, अभी जाँच होने दीजिए। मंगलवार (26 अक्टूबर, 2021) को समीर वानखेड़े एक समीक्षा बैठक में शामिल होने दिल्ली NCB मुख्यालय पहुँच रहे हैं।