उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस क्रम में अगर सिर्फ यूपी पुलिस विभाग की बात करें तो कोविड की तीसरी लहर में अब तक पांच सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जिनमें जिला पुलिस में तैनात लगभग 340 कर्मी भी शामिल हैं। कई आइपीएस अधिकारी भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। बढ़ते संक्रमण के मामले देखते हुए डीजीपी मुख्यालय में बूस्टर डोज लगवाने के लिए कैंप लगाया गया है ताकि सभी पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द वैक्सीन लग जाए।


डीजीपी ने दिए निर्देश

             जानकारी के मुताबिक, विभिन्न जिलों में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा लगभग पीएसी कर्मी भी कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं। अगर आंकड़ों की मानें तो अब तक जो 500 मामले कोरोना के सामने आए हैं उसमें 290 मामले जिला पुलिस के, 70 मामले पीएसी और 62 मामले अन्य शाखाओं के पेश आए हैं। कुल संक्रमित पुलिसकर्मियों में जीआरपी, सुरक्षा मुख्यालय व अन्य शाखाओं में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा एटीएस के कमांडो भी शामिल हैं। ऐसे में पुलिस लाइन से लेकर थाना व हर कार्यालय में साफ-सफाई के साथ कोविड नियमों का पूरी सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।

                      इसी के मद्देनजर डीजीपी मुकुल गोयल ने पुलिसकर्मियों को कोविड प्रोटाकाल का पूरी सख्ती से अनुपालन करने के कड़े निर्देश दिए हैैं। डीजीपी व एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को कोरोना की सर्तकता (प्रिकाशन) डोज लगवाकर अधीनस्थों को सुरक्षा का संदेश भी दिया। डीजीपी मुख्यालय में बुधवार को लगभग 760 पुलिसकर्मियों को सतर्कता डोज लगाई गई।


इनको लगाई गई वैक्सीन

                       इस कैंप में डीजी पावर कारपोरेशन एसएन साबत, डीजी एसआइटी रेणुका मिश्रा, एडीजी कार्मिक अजय आनंद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। जिलों में भी पुलिसकर्मियों को सर्तकता डोज लगवाई जा रही है। डीजीपी मुख्यालय के एक अधिकारी के अनुसार एक लाख से अधिक अधिकारियों व कर्मियों को सतर्कता डोज लगवाई जानी है। 2.14 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों को कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। लगभग तीस हजार पुलिसकर्मियों को दूसरा टीका लगवाया जाना है। गंभीर बीमारी व अन्य कारणों से लगभग 50 हजार पुलिसकर्मियों को अभी कोरोना का टीका नहीं लग सका है।