पुलिस के सभी विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों को पत्र लिखकर डीजीपी ने कहा है कि पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी के समय वर्दी नियमों का उल्लंघन किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। वर्दी के नियमों की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा है कि सिख धर्म के पुलिसकर्मियों को छोड़कर अन्य सभी पुलिसकर्मियों के लिए दाढ़ी क्लीन शेव किया जाना अनिवार्य है।

डीजीपी ने कहा कि यदि सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमति प्रदान की जाती है तो भी दाढ़ी के बाल छोटे और सही तरीके से कटिंग होनी चाहिए। मूंछें अपनी व्यक्तिगत इच्छा के अनुसार धारण कर सकते हैं लेकिन वे ‘ट्रिम्ड’ हों और रखरखाव होना चाहिए।

डीजीपी ने कहा कि धार्मिक आधार पर केवल अस्थाई अवधि के लिए दाढ़ी रखने और लंबे बाल उगाने की अनमुति कार्यालय प्रमुख के द्वारा दी जा सकती है। यह अनुमति एक निश्चित समय के लिए दी जाएगी, जिसकी अनुमति देते समय आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना आवश्यक होगा। लंबे बाल बढ़ाने के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।

डीजीपी ने पत्र में कहा है कि सभी अधिकारी व कर्मचारी निर्धारित स्वच्छ वर्दी एवं हेड गियर धारण करेंगे। वर्दी के पैटर्न शू के अतिरिक्त कोई अन्य जूता, चप्पल या सैंडल आदि नहीं धारण किया जाएगा। पुलिस अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यालय एवं कत्तर्व्यपालन स्थल पर निर्धारित वर्दी ही धारण करेंगे। गलत वर्दी, टोपी, नेम प्लेट, कमीज के बटन खुले रखने तथा निर्धारित जूता व मोजा न पहनने की कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट -  चंदू शर्मा